" /> जम्मू में ‘जनता कर्फ्यू’ और कश्मीर में ‘कर्फ्यू’ जारी, अब जम्मू कश्मीर में 3 दिन के लिए सरकारी दफ्तर पूरी तरह बंद

जम्मू में ‘जनता कर्फ्यू’ और कश्मीर में ‘कर्फ्यू’ जारी, अब जम्मू कश्मीर में 3 दिन के लिए सरकारी दफ्तर पूरी तरह बंद

जम्मू कश्मीर में रविवार को ‘जनता कर्फ्यू’ और ‘कर्फ्यू’ का अभूतपूर्व असर रहा। कश्मीर से लेकर पूरे केंद्र शासित जम्मू कश्मीर में सड़कें, बाजार सूने। सड़कों से लेकर गलियां तक सूनी रहीं। कोरोना वायरस को हराने के लिए लोग स्वतः ही घरों में रहे। वैष्णो देवी मार्ग पर भी सन्नाटा पसरा रहा। माता वैष्णो देवी यात्रा पहले ही स्थगित की जा चुकी है। कटड़ा में पुजारियों ने शंख बजा कर कोरोना वायरस से लड़ रहे योद्धाओं का अभिनंदन किया। रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान श्रीनगर, डोडा, कठुआ व जम्मू में सड़कें खाली नजर आईं। इस दौरान जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस ने लोगों से अपने घरों में ही रहने की अपील की। हालांकि कश्मीर के कई हिस्सों में पिछले चार दिनों से ही ‘कर्फ्यू’ लगा कोरोना से जंग लड़ी जा रही है।

जम्मू शहर में जनता कर्फ्यू के चलते सभी सड़कों सूनी नजर आई। जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए यहां लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले तो वहीं पुराने शहर के हरेक चौराहे और शहर में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों पर कंटीली तारें बिछाई गई थीं। अगर कोई किसी कारणवश घर से जरूरी काम के लिए अस्पताल या अन्य किसी जगह पर जा रहे हैं तो उनके पहचान पत्र देखकर और ठोस वजह जानने के उपरांत ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है।
कश्मीर में लोग पहले से ही सजग हो गए हैं। रविवार को जनता कर्फ्यू से तीन दिन पहले ही श्रीनगर समेत वादी के बाजारों में दुकानें नहीं खुलीं। लोग घरों में ही सीमित रहे। अत्यधिक जरूरी होने पर ही लोग घरों से निकले। लोगों को पता है कि जागरूकता ही कोरोना वायरस से बचने का एकमात्र तरीका है। इस सबके बीच स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए लाउड स्पीकर से लगातार घोषणा की जा रही है। जवाहर सुरंग से लेकर उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा तक सड़कों पर सिर्फ खामोशी ही है। स्वास्थ्यकर्मी और म्यूनिसिपल कर्मी ही विभिन्न इलाकों को सैनिटाइज करते हुए नजर आ रहे हैं। घाटी में कोरोना वायरस से संक्रमित एक महिला मरीज की पुष्टि होने के बाद से प्रशासन युद्धस्तर पर इस वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने की मुहिम में जुटा हुआ है।

पूरी वादी में प्रशासन ने सभी प्रकार के सार्वजनिक वाहनों, निजी वाहनों, दुकानों, बाजारों व अन्य निजी प्रतिष्ठानों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। मंडलायुक्त कश्मीर पांडुरंग के पोले ने कहा कि हम पूरा एहतियात बरत रहे हैं। संदिग्ध मरीजों व उनके संपर्क में आए लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है। लोग भी पूरा सहयोग कर रहे हैं। बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनींग सख्त की गई है। इस बीच कोरोना वायरस से निपटने के लिए जम्मू कश्मीर प्रशासन ने सभी सरकारी कार्यालयों में 23, 24 और 25 मार्च को छुट्टी घोषित कर दी है। वहीं आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी।  इससे पहले प्रदेश में 3.5 लाख सरकारी कर्मचारियों ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपना सहयोग देने का एलान किया है। कर्मचारी अपने वेतन का कुछ हिस्सा कोरोना के बचाव में उपयोग आने वाली सामग्री की खरीद में देंगे। दरबार मूव इंप्लाइज फेडरेशन (डीएमईएफ) ने यह फैसला लिया है। कर्मचारियों ने 22 मार्च रविवार को जनता कर्फ्यू का भी समर्थन किया।
डीएमईएफ के अध्यक्ष औवेस वानी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी इस कठिन समय में सरकार के साथ है। कर्मचारी अपने वेतन का कुछ भाग कोरोना से लड़ रहे डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए मास्क, सेनिटाइजर सहित अन्य जरूरी समान की खरीद में लगाएंगे।