" /> जहां श्रीराम ने धुले थे पाप, कोरोना से सूना रहा वो ‘धोपाप’

जहां श्रीराम ने धुले थे पाप, कोरोना से सूना रहा वो ‘धोपाप’

कुशनगरी (सुल्तानपुर) के रामायणकालीन प्रख्यात तीर्थस्थल धोपाप में सोमवार को गंगा दशहरा के पर्व पर इसबार सन्नाटा पसरा रहा। कोरोना संकट के चलते प्रशासन ने सामूहिक आयोजनों पर रोक लगा रखी है। जिसके चलते घाट सूने पड़े रहे। भोर में कुछ स्नानार्थी घाट पर पहुंच गए थे लेकिन जैसे ही मीडिया को खबर हुई व सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई तो आनन – फानन पुलिस बल घाट पर आ पहुंचा और स्नानार्थियों को हटाया गया।

बता दें कि सुल्तानपुर जिले में लंभुआ कस्बे से गुजर रहे लखनऊ-वाराणसी हाइवे के निकट आदिगंगा गोमती के तट पर स्थित है धोपाप घाट। मान्यता है कि त्रेता युग में रावण वध के उपरांत भगवान श्रीराम ने ब्रह्महत्या के दोष से मुक्ति के लिए इसी जगह आदिगंगा गोमती में डुबकी लगाई थी।..और अपने पाप धुले थे। तभी से ये स्थल ‘धोपाप’ नाम से जाना जाता है और  पापमुक्ति की अभिलाषा में प्रत्येक वर्ष गंगा दशहरा पर्व पर  काफी संख्या में लोग स्नान करने पहुंचते हैं।नवविवाहित दंपतियों के स्नाननिषेध जैसी मान्यता भी यहां अमल में है।महीनों से स्नान पर्व का लोगों को इंतजार रहता है। पर,इस बार कोरोना महामारी के चलते धार्मिक आयोजनों पर रोक के कारण गंगा दशहरा पर्व पर धोपाप के घाट सूने रह गए। आदि गंगा गोमती के किनारे टीले पर मौजूद श्रीरामजानकी मंदिर में भी इक्का-दुक्का श्रद्धालुओं ने पूजन किया। श्रद्धालुओं की नामौजूदगी की वजह से करीब ९ किलोमीटर के क्षेत्र में चलने वाले पौशाला,शर्बत वितरण व स्वल्पाहार आदि की भी व्यवस्था नहीं की जा सकी।
शर्बत व फल वितरण
गंगा दशहरा पर्व पर धोपाप के बगल स्थित लंभुआ कस्बे में व्यापारियों ने शर्बत व फल वितरण किया। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन महामंत्री रवींद्र त्रिपाठी की अगुवाई में प्रवासी मज़दूरों व राहगीरों को शर्बत, पानी व फल बांटे। प्रदेश महामंत्री त्रिपाठी ने बताया कि हर वर्ष तीर्थराज धोपाप में मेलार्थियों के लिए सहायता शिविर, बूंदी प्रसाद, खोया पाया शिविर आदि के इंतजाम किए जाते रहे हैं। इसबार भी तहसील महामंत्री नियाज राइन व अध्यक्ष शिव शंकर अग्रहरि के नेतृत्व में प्रवासी मज़दूरों व अन्य लोगों को पानी, बिस्कुट व फल वितरण किया गया। इस मौके पर ज़िला प्रभारी अनूप श्रीवास्तव, ज़िला उपाध्यक्ष जय शंकर त्रिपाठी, पंकज तिवारी आदि मौजूद रहे ।