जाधव मामले में हिंदुस्थान का केस और हुआ मजबूत

पाकिस्तान का एक कदम कुलभूषण जाधव केस में उसके लिए भारी पड़ सकता है। दरअसल पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय अदालत के एक फैसले के पक्ष में वोट किया है, जिसका संदर्भ हिंदुस्थान ने जाधव के केस में दिया था। ऐसे में जाधव केस में हिंदुस्थान का पक्ष और मजबूत हो सकता है। इसे पाकिस्तान द्वारा जाधव केस में किया गया सेल्फ-गोल माना जा रहा है। 
पाकिस्तान में कथित तौर पर जासूसी के आरोप में मौत की सजा पाए हिंदुस्थानी नागरिक जाधव को कांसुलर ऐक्सेस न देने के मामले में हिंदुस्थान ने कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) के फैसले का जिक्र किया था। इस मामले में अमेरिका पर वियना कन्वेंशन का उल्लंघन करने का आरोप साबित हुआ था। उसने मैक्सिको को मौत की सजा पाए अपने नागरिकों तक कांसुलर ऐक्सेस नहीं दी थी। पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते हिंदुस्थान सहित ६८ दूसरे देशों के साथ संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया है जिसमें कहा गया है कि आईसीजे के अवीना जजमेंट को पूर्ण रूप से और तत्काल लागू किया जाए। वास्तव में १४ साल के बाद भी अमेरिका ने अब तक आईसीजे के आदेश को लागू नहीं किया है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि हिंदुस्थान आईसीजे के समक्ष अवीना जजमेंट के समर्थन में पाकिस्तान के वोट देने का मसला भी उठाएगा।