" /> जीवनमंत्र: वास्तु-तथास्तु

जीवनमंत्र: वास्तु-तथास्तु

वास्तु-तथास्तु
वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आपके घर में सुख शांति की कमी हो, धन आवक नहीं हो पा रही हो, घर के सदस्यों में एकता की कमी हो, नौकरी-व्यापार में परेशानी आ रही हो तो इस सरल से टोटके को अपने घर के मुख्य दरवाजे के आगे पीछे एक जरूर कर लें। इस वास्तु उपाय से घर में सुख शांति आने के साथ अपार धन की प्राप्ति होगी। घर के मुख्य दरवाजे के अंदर और बाहर की ओर गणेश जी की दो प्रतिमाएं इस तरह लगाएं कि उनकी पीठ एक दूसरे से जुड़ी रहे। ऐसा करने से घर की सभी तरह की बाधाएं दूर होने लगेगी।
घर के मुख्य द्वार के ईशान कोण में तुलसी का पौधा रखें। प्रतिदिन प्रातः काल उसमें जल अर्पित करें तथा सायंकाल घी या तिल के तेल का दीपक जलाकर ११ बार `ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करने से अचानक घर में धन आवक में तेजी से वृद्धि होने लगती है।
पूर्व या उत्तर दिशा में तुलसी का पौधा लगाकर उसकी नियमित पूजा करने से घर के सदस्यों में आत्मविश्वास और एकता बढ़ने लगती है।
घर में यदि किसी भी प्रकार का वास्तु दोष है तो घर की छत पर तुलसी का पौधा गमले में लगाएं, साथ ही ऐसा करने से घर में आकाशीय बिजली गिरने का भी भय नहीं रहता है।
घर के किसी भी प्रकार के वास्तुदोष से बचने के लिये घर के ईशान कोण में पांच तुलसी के पौधे लगाएं तथा उनकी नियमित सेवा करें।
पूजा घर में किसी भी देवी-देवता की एक से अधिक मूर्ति या चित्र न लगायें अथवा कलह-क्लेश की संभावना बनी रहती है। किसी भी दो देवता की तस्वीरें इस प्रकार न लगाएं कि उनका मुख आमने-सामने हो। देवी-देवताओं के चित्र कभी भी नैर्ऋत्य कोण में नहीं लगाने चाहिये अन्यथा कोर्ट-कचहरी के मामलों में उलझने की पूरी संभावना बनी रहती है।
दक्षिण की दीवार पर कभी भी दर्पण न लगाएं। दर्पण सदैव पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर ही होना चाहिए। घर की तिजोरी का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखने से ७ पीढ़ियों तक उस घर में कभी भी धन की कमी नहीं रहती।

घर का वैद्य
बलगम को कम करने के लिए तुलसी के पत्ते प्रभावी हो सकते हैं। आप प्रâेश तुलसी की पत्‍ते ले सकते हैं। आप इसे १० ग्राम लें। अगर आप सूखे तुलसी के पत्तों का प्रयोग कर रहे हैं तो एक चम्‍मच काफी है। इलायची के एक या दो लौंग के साथ उन्हें पानी में उबालें। इसे मीठा करने के लिए शहद जोड़ें। श्लेष्म और अन्य फेफड़ों के समस्‍याओं का समाधान करने के लिए तुलसी की चाय फायदेमंद हो सकती है।
लाल या हरे अंगूरों आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं। अंगूर आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर हो सकता है।
रात भर भिगोए हुए बादाम (५-७, छिलके के बिना) खाना आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा हो सकता है।
सौंफ के बीज एक सामान्य किचन सामग्री है। एक चम्मच सौफ लें और इसे पानी में उबालें, जब बर्तन में पानी आधा रह जाए तो इसका सेवन करें। इसे गले में खराश और खांसी के लिए पिएं।
अलग-अलग चाय बनाने के बजाय, आप इन सभी सामग्रियों को एक साथ मिला सकते हैं। मेथी के बीज, तुलसी के पत्ते, इलायची, सौंफ के बीज और कुछ शहद या गुड़ से बनी चाय म्‍यूकस को तोड़ने में मदद कर सकती है।
मेथीदाना आमतौर पर हर भारतीय रसोई में होते हैं। यह मेथी के बीज के रूप में भी जाना जाता है। इनमे ऐसे यौगिक होते हैं जो बुखार और यहां तक कि बढ़े हुए श्लेष्म को कम करने में मदद कर सकते हैं। मेथी के बीज का पानी श्लेष्म को ढीला कर सकता है और आपको बार-बार खफ बाहर निकलने को रोकने में मदद कर सकता है। आपको बस इतना करना है कि एक चम्‍मच मेथी के बीज लें और उन्हें ५०० मिलीलीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा हो जाए तो इसे नियमित रूप से पीएं।