" /> जून से शुरू होगा पटरी बिछाने का काम, ८०% पूरी हुई टनल खुदाई

जून से शुरू होगा पटरी बिछाने का काम, ८०% पूरी हुई टनल खुदाई

मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने मुंबई मेट्रो लाइन -३ (भूमिगत) पर ट्रैक बिछाने के काम के लिए लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (एलएंडटी कंस्ट्रक्शन) के साथ कुछ महीने पहले एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किया था। एल एंड टी का काम इस अनुबंध के तहत डिजाइन, खरीद,आपूर्ति, ट्रैक स्थापित करना, परीक्षण करने सहित करीब ४० किमी मेट्रो मार्ग पर गिट्टी रहित ट्रैक बिछाना है। ये काम बीकेसी स्टेशन से आरे स्टेशन तक के लिए दिया गया है।
जानकारी के मुुताबिक एल एंड टी को ट्रैक बिछाने सहित अन्य कार्यों के लिए करीब ३०३.२७ करोड़ रुपए का ठेका मिला है। एमएमआरसीएल के अनुसार ट्रैक बिछाने के काम का ठेका पहले ही दिया जा चुका है, जैसे ही टनल निर्माण का काम पूरा होता है। जून से पटरी बिछाने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। एमएमआरसीएल के परियोजना संचालक देओल ने बताया कि अंडर ग्राउंड मेट्रो टनल का काम ८० फीसदी पूरा हो चुका है। जून से पटरी बिछाने के काम की शुरुआत कर दी जाएगी।
८० फीसदी टनल खुदाई पूरी
टनल के निर्माणकार्य में हजारों मजदूर सहित इंजीनियरों रात दिन लगे हुए हैं। इन्हीं मजदूरों और इंजीनियरों की मदद से मुंबई की कोख में अब तक ८० फीसदी अंडर ग्राउंड टनल का निर्माणकार्य पूरा हो चुका है। महज १५ किमी टनल का काम होना बाकी है, जिसे पूरा करने का लक्ष्य मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरशन लिमिटेड ने दिसंबर २०२० के रखा है।
२५ टनल तैयार
अब तक अंडर ग्राउंड मेट्रो टनल का निर्माणकार्य ८० प्रतिशत पूरा हो चुका है जबकि टनल खुदाई के लिए ३२ टीबीएम में से २५ टीबीएम ने अपना काम पूरा कर लिया है। महज ७ टीबीएम मशीन को अपना काम निर्धारित समय पर पूरा करना है। मेट्रो-३ के टनल खुदाई का काम १७ टीबीएम मशीन से पूरा किया जा रहा है।

मेट्रो-३ की विशेषताएं
प्रत्येक ट्रेन में २५०० यात्रियों के सफर करने की क्षमता।
रोजाना १७ लाख यात्री करेंगे मेट्रो से सफर।
मेट्रो ३ से कोलाबा से सिप्ज़ की दूरी महज १ घंटे में पूरी होगी।
अंडर ग्राउंड मेट्रो ६ बिजनेस केंद्र और रोजगार सेंटर को कनेक्ट करेगी।
मेट्रो-३ मेट्रो के अन्य मार्ग के अलावा उपनगरीय लोकल रेलवे, मोनोरेल बस सेवाओं को कनेक्ट करेगी।
मेट्रो-३ के कारण १५ फीसदी उपनगरीय यात्रियों में गिरावट दर्ज होगी।
अंडर ग्राउंड मेट्रो से ३० एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, १३ अस्पताल, १४ धार्मिक स्थलों पर जाने में आसानी होगी।
मेट्रो में प्लेटफार्म स्क्रीन डोर, आपातकालीन बचावकार्य सुविधा और २४ घंटे सीसीटीवी निगरानी रहेगी।