जेट एयरवेज की आज रात आखिरी उड़ान, बैंकों से नहीं मिला 400 करोड़ रुपए की मदद

भारतीय विमानन कंपनी को बैंकों से मदद न मिलने पर आज रात उसकी आखिरी उड़ान होगी।  कंपनी के बोर्ड ने बैंकों के कंशोर्सियम से पैसा न मिलने के कारण यह फैसला लिया है। इससे पहले कंपनी के केवल सात विमान ही परिचालन में थे। कंपनी के बोर्ड ने बैंकों के कंशोर्सियम से पैसा न मिलने के कारण यह फैसला लिया है। इससे पहले कंपनी के केवल सात विमान ही परिचालन में थे। फिलहाल कंपनी के केवल सात विमान ही परिचालन में हैं। सोमवार को कंपनी ने बैंकों के साथ मीटिंग की थी। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
एसबीआई की अगुवाई वाले कर्जदाताओं के समूह ने बुधवार को 400 करोड़ का आपात फंड जारी करने से इनकार कर दिया है। कंपनी ने संचालन जारी रखने के लिए यह राशि मांगी थी।
मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि विमानन कंपनी ने अपने बेड़े में शेष बचे 5 विमानों की उड़ानें जारी रखने के लिए कर्जदाताओं से 400 करोड़ रुपये का तत्काल आपात फंड मांगा था। कर्जदाताओं ने फिलहाल इस पर कोई रुचि नहीं दिखाई और पैेसे देने से साफ इनकार कर दिया।

इस बीच, कंपनी को लीज पर विमान देने वाली कंपनियों ने डीजीसीए से चार दर्जन और बोइंग 737 विमानों का पंजीकरण रद्द करने को कहा है। डीजीसीए ने बुधवार को बताया कि कंपनी के लीजकर्ताओं ने 48 विमानों को डी-रजिस्टर करने की अपील की है, ताकि वे इन विमानों को भारत से बाहर ले जाकर अन्य किसी कंपनी को किराये पर दे सकें। नियामक ने कहा कि लीजकर्ताओें को अभी तक आपात फंड मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कर्जदाताओं के निराशाजनक रुख से यह अपील की जा रही है।

जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने खुद को बोली से बाहर कर लिया है, क्योंकि एतिहाद और टीपीजी पार्टनर्स ने उनके रहने पर खुद को बोली से अलग करने की धमकी दी थी।