जेलों में कैद है युवा `शक्ति’, ८० प्रतिशत कैदी जवान

राज्य में कुल ५४ जेल हैं और इन जेलों में ३५ हजार कैदी हैं, जिसमें १८ से ४० वर्ष के उम्र के ८० प्रतिशत कैदी हैं। मतलब जेलों में युवा `शक्ति’ कैद है। पिछले पांच साल में कैदियों की संख्या दस हजार से अधिक बढ़ी है। राज्य में ५४ जेलों में १३ खुले जेल सहित मुंबई, ठाणे, नई मुंबई, पुणे, कोल्हापुर, सोलापुर, संभाजीनगर और नागपुर में मध्यवर्ती जेल हैं। राज्य के हर जिले में मध्यवर्ती जेल हैं। सुरक्षा की दृष्टि से कैदियों को मध्यवर्ती जेलों में रखा जाता है, जिसके कारण मध्यवर्ती जेलों में कैदियों की संख्या में दोगुना इजाफा हुआ है। मुंबई मध्यवर्ती जेल में कैदियों की संख्या क्षमता ३४० प्रतिशत अधिक कैदी हैं, इसी तरह सोलापुर में ३०६ प्रतिशत अधिक हैं। वैâदियों की क्षमता २०१ से ३०० प्रतिशत अधिकवाले ६ जेल हैं। १०१ से २०० प्रतिशत अधिक कैदीवाले १७ जेल हैं। येरवडा जेल की क्षमता २,४४९ कैदियों की है, जिसमें ५,३०० कैदी बंद हैं। इसी प्रकार मुंबई जेल की ८०४ की क्षमता है और बंद हैं २,७९०, ठाणे में १,१०५ की क्षमता है और बंद हैं ३,२००, कल्याण में ५४० की क्षमता है और बंद हैं १,४४८ तथा सोलापुर में १४१ क्षमता है और बंद हैं ४२१ कैदी।