" /> झांकी… ऑपरेशन होली! ‘कितने आदमी हैं?’

झांकी… ऑपरेशन होली! ‘कितने आदमी हैं?’

‘पूरे २८ शाह सरकार!’
‘अभी कितने हैं?’
‘१९ हैं, जिन्हें आपके चार्टर्ड प्लेन में बिठा रखा है।’
‘सबको बंगलुरु भेज दो। वहीं आराम करें। अब तुम बताओ क्या चाहते हो?’
‘राज्यसभा टिकट और केंद्र में मंत्री पद।’
‘तथास्तु।’ और इसके साथ ही कमल (नाथ) को उखाड़ने ‘कमल’ ने कार्रवाई शुरू की। मामाजी के साथ शाह सरकार के दरबार का दौर पूरा होते ही बंगलुरु से इस्तीफे उड़े और वाया ईमेल राजभवन तथा विधानसभा अध्यक्ष के लैपटॉप में घुस गए। खुद उनका इस्तीफा १० जनपथ में दस्तक दे चुका था और जवाब में उनकी हकालपट्टी का फरमान भी जारी हो गया। वे कह रहे हैं सब छोड़ के आए हैं और सब कह रहे हैं सब तोड़ के आए हैं। दोनों ही तरफ ‘बुरा ना मानों होली है’ वाली भावना है। समय-समय पर रंग बदल रहे हैं। दुनिया कोरोना वायरस की काट भले ढूंढ़ ले लेकिन हिंदुस्थान की राजनीति में तोड़-फोड़ वायरस से निपटने में लाचार है।
हठयोगी
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ राजधानी लखनऊ में लगे आरोपियों के पोस्टरों के मामले में हाईकोर्ट की फटकार के बावजूद उत्तर-प्रदेश सरकार टकराव के मूड में है और पोस्टर हटाने की बजाय हाईकोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में लग गई है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा की विशेष पीठ ने खुली अदालत में पैâसला सुनाया था। लखनऊ जिला प्रशासन और पुलिस की तरफ से लखनऊ के १०० चौराहों पर ५७ आरोपियों के पोस्टर लगाए गए हैं। अदालत ने इस पर नाराजगी जताते राज्य सरकार को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी आरोपी से संबंधित कोई भी निजी जानकारी कत्तई सार्वजनिक न की जाए। किसी भी आरोपी के नाम, पते और फोन नंबर जैसी जानकारी सार्वजनिक न की जाए, जिससे कि उसकी पहचान उजागर हो सके। हाईकोर्ट ने जिलाधीश और पुलिस आयुक्त को १६ मार्च तक अनुपालन रिपोर्ट रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष दाखिल करने का भी आदेश दिया था मगर योगी सरकार इससे आगे निकलते हुए अब मेरठ में भी पोस्टर चस्पां करनेवाली है। सरकार का यह हठ नागरिक की निजता पर हमला है।
मुर्गे पर कटहल भारी
‘घर की मुर्गी दाल बराबर’ को बदलते हालात ने बदल दिया है। कोरोना वायरस के खौफ के चलते कटहल की निकल पड़ी है और उसने होली पर मांसाहार करनेवालों की थाली में जगह बना ली। होली में इस बार कटहल की बिक्री ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उत्तर प्रदेश स्थित गोरखपुर की थोक मंडी में पिछले तीन दिनों में ३५० टन के करीब कटहल बिक गया, जो पिछले साल के होली के दिनों की बिक्री से दो सौ गुना ज्यादा है। इससे कटहल उत्पादक मालामाल हुए हैं। बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और केरल के कटहलों में बंगाल का कटहल सबसे ज्यादा महंगा बिका। थोक बाजार में ५० रुपए किलो बिका कटहल खुदरा बाजार में १२० रुपए प्रति किलो तक बिका। केरल का कटहल क्रमश: २०-२५ रुपए प्रति किलो और ६० रुपए प्रति किलो तक बिका। होली में कोरोना वायरस की वजह से मांसाहार विशेषकर मुर्गे की बिक्री बहुत कम हुई है। इसका असर प्याज पर भी पड़ा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल प्याज आधा भी नहीं बिका है। इसके पीछे महंगाई भी एक कारण हो सकती है। पिछले साल १५ से २० रुपए किलो की तुलना में इस साल प्याज ३५ से ४० रुपये किलो बिका।
बधाई वासनिक
शशि थरूर, दिग्विजय सिंह के नक्शे कदम पर चलते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री व राजस्थान के प्रभारी मुकुल वासनिक ने ६० साल की उम्र में शादी कर अपनी महिला मित्र को विश्व महिला दिवस का तोहफा दिया है। वासनिक ने अपनी मित्र रवीना खुराना से दिल्ली के एक होटल में ८ मार्च को महिला दिवस के दिन शादी का रिसेप्शन रखा था, जिसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कांग्रेस के कई दिग्ग्ज नेता शामिल हुए थे। इस शादी के बारे में सबको तब पता चला जब गहलोत ने ट्वीट करके मुकुल वासनिक और रवीना खुराना को नए जीवन की शुरुआत के लिए बधाई दी। गहलोत ने वासनिक और खुराना के स्नेह भोज में शामिल होकर बधाई देने के फोटो भी साझा किए। वैसे यह अलग बात है कि अभी तक कोई नेता दिवंगत नारायण दत्त तिवारी के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया है, जिन्होंने करीब ९० वर्ष की उम्र में दूसरी शादी की थी।