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झांकी… गोल्डन लेडी का बवाल

एक गोल्डन लेडी ने केरल की राजनीति में भूचाल ला दिया है। तिरुवनंतपुरम में संयुक्त अरब अमीरात (युएई) के वाणिज्य दूतावास कार्यालय से संबंधित एक राजनयिक पार्सल में ३० किलो सोने की तस्करी का मामला सामने आने के बाद, यूएई महावाणिज्य दूतावास की पूर्व कार्यकारी सचिव स्वप्ना सुरेश एक प्रमुख संदिग्ध व्यक्ति बनकर उभरी है। खाड़ी से तस्करी किए गए सोने के लिए राजनयिक कवच का अवैध रूप से प्रयोग कर फर्जी दस्तावेजों को बनाने में स्वप्ना की भूमिका शक के दायरे में है। स्वर्ण तस्करी रैकेट में सुरेश की कथित भूमिका और केरल के पूर्व प्रमुख सचिव एम शिवशंकर से नजदीकी के चलते राज्य सरकार के प्रमुख अंतरिक्ष पार्क परियोजना में अनुबंध कर्मचारी के रूप में काम कर चुकी स्वप्ना फिलहाल फरार हो गई है। गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वप्ना ने केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होनी है। अदालत ने उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से भी इंकार कर दिया है। इस बीच केंद्र ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी है। यह पहला मामला है जब सोने की तस्करी का मामला केंद्र की शीर्ष जांच एजेंसी को दिया गया है। दुबई में रहनेवाली स्वप्ना ने २०१३ में एयर इंडिया की सेवा प्रदाता फर्म एसएटीएस में बतौर मानव संसाधन कार्यकारी के तौर पर नौकरी शुरू की। फर्म में उसने कथित तौर पर एक अन्य वरिष्ठ कार्यकारी के साथ मिलकर महिला कर्मचारियों के फर्जी हस्ताक्षर पेश कर हवाई अड्डे के एक कर्मचारी को यौन उत्पीड़न मामले में फंसाने की कोशिश के तहत उस व्यक्ति के खिलाफ फर्जी नामों से १७ शिकायतें तैयार कीं। उस अधिकारी ने राज्य पुलिस से शिकायत की और इस साजिश की जांच की मांग की। इस मामले में भी स्वप्ना को आरोपी बनाया गया था लेकिन अपनी ऊंची पहुंच के चलते वह यह जांच रुकवाने में सफल रही थी। इसके बाद तिरुवनंतपुरम में खुले दुबई के वाणिज्य दूतावास में अच्छी अरबी बोलने के कारण उसे नौकरी मिली। एक साल पहले, उसके खिलाफ आपराधिक मामले के कारण उसे वाणिज्य दूतावास के कार्यालय से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद सुरेश केरल राज्य सूचना प्रौद्योगिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और आईटी सचिव एम शिवशंकर के साथ इसके अध्यक्ष के रूप में एक व्यवसाय विकास प्रबंधक के रूप में नौकरी करने में कामयाब रही। शिवशंकर तब मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव थे।
दहेज प्रताड़ना तलाक न करा दे!
मध्य प्रदेश के सागर जिले के राहतगढ़ में कार्यकर्ताओं को सौ-सौ रुपए के लिफाफे बंटने के बाद सुरखी की पूर्व भाजपा विधायक ने ट्वीट दाग कर नेतृत्व की खिंचाई की है। पूर्व विधायक पारुल साहू ने मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे को लेकर व्यंग्य कसा है कि राजनीतिक दहेज प्रताड़ना कहीं तलाक का कारण न बन जाए। राजनीतिक दहेज प्रताड़ना से उनका सीधा आशय सिंधिया गुट द्वारा मलाईदार विभाग की मांग पर है। पारुल २०१३ में सुरखी सीट मात्र १४१ मतों से जीती थीं। २०१८ में कांग्रेस के गोविद सिंह राजपूत इस सीट पर जीते और मार्च २०२० में पाला बदलकर सिंधिया के साथ भाजपा में चले गए और मंत्री भी बन गए। जाहिर है उपचुनाव भी उन्हीं को लड़ाया जाएगा। ऐसे में पारुल का ट्वीट बहुत कुछ अनकहा भी कह रहा है, जो आगामी चुनाव में नजर आएगा। पारुल से पहले भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय विश्नोई ने पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जबलपुर और रीवा के लोगों में नाराजगी से अवगत कराया है। चौहान मंत्रिमंडल के विस्तार में २८ नए मंत्रियों में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए १४ नेता भी शामिल हैं। ये सभी मंत्री फिलहाल गैर विधायक हैं और इन्हें आगामी उप चुनाव का सामना करना है, इनमें अधिकांश सिंधिया समर्थक हैं। इधर नीमच के जिलाधिकारी के मार्फत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर एक समाजसेवी ने खुद को भी बिना विधायक होते हुए भी मंत्री बनाने की मांग की है। बाल चंद वर्मा नामक यह समाजसेवी सेवानिवृत्त इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं। वर्मा का कहना है जब बिना विधायक रहते एक दर्जन से ज्यादा लोग मंत्री बनाए जा सकते हैं तो उन्हें भी मंत्री बनाने में क्या हर्ज है। वर्मा ने कोई भी मानदेय न लेने की बात कही है।
भाजपा के सोमनाथ फंसे
कोरोना के कारण स्थगित हुए कोलकाता नगरनिगम के चुनाव ने भाजपा की तैयारियों को पहले ही ठंडा कर दिया था कि दक्षिण कोलकाता के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष सोमनाथ बंद्योपाध्याय पर बलात्कार के आरोप ने पार्टी को बचाव की मुद्रा में खड़ा कर दिया है। एक शिक्षिका ने सोमनाथ पर शादी का वादा कर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ की एक नेता ने दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर थाने में सोमनाथ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है कि उन्होंने शादी का झांसा देकर २०१५ से २०१७ के बीच उनके साथ कई बार शारीरिक संपर्क बनाया था। पुलिस ने दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोमनाथ को कुछ दिन पहले ही दक्षिण कोलकाता जिले का भाजपा ने अध्यक्ष बनाया था। शिक्षिका ने सबूत के तौर पर व्हॉट्सऐप चैटिंग के स्क्रीनशॉट पुलिस को दिए हैं। इसके बाद सोमनाथ ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को अपना त्याग पत्र भेज दिया। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने सोमनाथ का त्याग पत्र स्वीकार कर लिया है। शिकायतकर्ता भाजपा के शिक्षक संघ की नेता है। सोमनाथ ने आरोपों से इंकार किया और कहा कि शिकायतकर्ता के खिलाफ वे मानहानि का मुकदमा करेंगे।
पानीपुरी एटीएम
कानपुर में पानीपुरी की दुकान पर भारी भीड़ देखकर जिलाधिकारी ने पानीपुरी यानी गोलगप्पे बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया था। उनका मानना था कोरोना संक्रमण बढ़ाने में गोलगप्पे की दुकानें-ठेले कारण बन सकते हैं क्योंकि वहां सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा जाता। अब इस समस्या का हल गुजरात के बनांसकाठा के एक युवक भारत प्रजापति ने खोज लिया है। जिसने लॉकडाउन के दौरान घर में बैठे-बैठे एक एटीएम जैसी ऑटोमैटिक ‘पानी पुरी’ मशीन बना डाली है। यह मशीन साफ-सफाई से लेकर सोशल डिस्टेंसिंग तक के नियम का पालन करती है। इस मशीन में आपको बस नोट डालना है और फिर मशीन में से एक-एक करके गोलगप्पे बाहर आने लगते हैं, जिनका आनंद आप बिना किसी दूसरे इंसान के संपर्क में आए उठा सकते हैं। ३३ साल के भारत कोई बड़े इंजीनियर या डिग्रीधारी नहीं है बल्कि वह स्कूल ड्रॉप-आउट हैं और बनांसकाठा में एक मोबाइल की दुकान चलाते हैं। उन्होंने किसी क्लासरूम में शिक्षा लेकर नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ छेड़छाड़ करके इस गोलगप्पे की मशीन का निर्माण किया है। गौर करनेवाली बात यह भी है कि प्रजापति ने इस मशीन को बनाने के लिए किसी खास सामान का भी इस्तेमाल नहीं किया है बल्कि उन्होंने कबाड़ की मदद से इस मशीन को बनाकर तैयार किया है। प्रजापति का इरादा इस मशीन को दुकान के साथ-साथ रोड पर भी लगाने का है। यह मशीन २४ वॉल्ट बैटरी पर काम करती है, सिंगल चार्ज पर यह तकरीबन ६ घंटे काम कर सकती है।