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 झांकी… मकान नंबर ७६

दिल्ली के खजूरी खास स्थित मकान नंबर ७६ एक खास संदेश देता है। शहीदों और देश के सैनिकों के नाम पर वोट मांगनेवाले चाहें तो चुल्लू भर पानी में डूबकर मर सकते हैं। यह मकान सीमा सुरक्षा बल के मोहम्मद अनीस का है, जिस पर बीएसएफ का प्रतीक चिह्न भी लगा हुआ है लेकिन फिर भी दंगाइयों से यह घर अपनी हिफाजत नहीं कर सका। खून के प्यासे दंगाइयों ने अनीस के घर में सिलिंडर फेंक कर कहा- ‘इधर आ पाकिस्तानी, तुझे नागरिकता देते हैं’ और अनीस का घर जला दिया। अनीस के साथ उनके पिता, चाचा और चचेरी बहन घर में थे। किसी तरह पैरामिलिट्री फोर्स की मदद से वे अपनी जान बचाने में तो सफल रहे मगर मकान नहीं बचा सके, जिसमें अगले महीने उनकी और चचेरी बहन की अलग-अलग तारीखों में होनेवाली शादियों का सामान भी जला दिया गया। खजूरी खास एक हिंदू बहुल क्षेत्र है लेकिन अनीस के परिवार का कहना है कि उनका कोई भी पड़ोसी हमले में शामिल नहीं था। हमलावर बाहर से आए थे। उनके पड़ोसी हिंसक भीड़ से जाने के लिए कह रहे थे।

 बधाई में खिंचाई
राजनीति अपनी जगह है लेकिन राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव ऐसा कोई मौका नहीं चूकते, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खिंचाई शामिल न हो। कल नीतीश कुमार ६९ वर्ष के हो गए और तेजस्वी ने घड़ी में १ मार्च दर्ज होते ही शनिवार-रविवार की रात १.२२ बजे ट्वीट करके उनको जन्मदिन की बधाई दी। शुभकामनाओं के साथ नेताजी ने नीतीश कुमार से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने और बेरोजगारी हटाने में सहयोग करने का आग्रह भी कर दिया। उन्होंने लिखा, ‘आदरणीय अभिभावक श्री नीतीश कुमार जी को जन्मदिवस की शुभ मंगलकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि आप आत्मसम्मान और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ते हुए स्वस्थ और दीर्घायु रहें। जन्मदिवस के शुभ अवसर पर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने व बेरोजगारी हटाने की हमारी लड़ाई में सहयोग अपेक्षित है।’ अब यह समझना मुश्किल नहीं है कि तेजस्वी ने बधाई दी है या नीतीश को पिछले विधानसभा चुनाव का वादा याद दिलाया है। इसके बाद डीएनए पुराण भी शुरू हो सकता है। कल नीतीश कुमार के जन्मदिन के मौके पर पटना के गांधी मैदान में ठीक वैसा ही कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जैसा पिछले विधानसभा चुनाव से पहले भी किया गया था। तब नीतीश की पार्टी राजद के साथ महागठबंधन का हिस्सा थी।
मृतक को मंगल कामना
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक प्रधान द्वारा एक अद्भुत पत्र जारी किया गया है। प्रधान ने अपने गांव में रहनेवाले एक बुजुर्ग की मौत होने पर उनका मृत्यु प्रमाणपत्र बनाया, जिसमें बुजुर्ग का नाम, पता और मृत्यु की तारीख लिखी। साथ ही मृतक के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी कर दी। मामला विकास खंड असोहा के सिरवइया ग्राम पंचायत का है। यहां रहनेवाले लक्ष्मी शंकर की २२ जनवरी को मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजन १७ फरवरी को ग्राम प्रधान के पास मृतक का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने गए थे। प्रधान बाबूलाल ने फटाफट अपने लेटर पैड पर लिखा, प्रमाणित किया जाता है कि लक्ष्मीशंकर निवासी सिरवइया के मूल निवासी थे। इनकी मृत्यु २२ जनवरी को हो गई थी। मैं इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। प्रधान ने सफाई देते हुए कहा-जल्दबाजी में गलती हो गई। मैं क्षमा मांगता हूं। कुछ दिन बाद मृतक के परिजनों ने जब उस प्रमाणपत्र को ध्यान से पढ़ा तब खामी नजर आई। अब प्रधान जी कह रहे हैं गलती हो गई, माफ कर दो।

दोपहर भोज
बीते शुक्रवार ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक फोटो अपने ट्वीटर पर साझा की, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व पटनायक ने दोपहर भोज में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के साथ भोजन किया है। इस दौरान उन्होंने उड़िया व्यंजनों का स्वाद लिया। टेबल पर आमने-सामने बैठकर दोनों एक साथ व्यंजनों का स्वाद लेते नजर आ रहे हैं। राजनीति में एक-दूसरे के धुर विरोधियों को लंच के बहाने ही सही लेकिन करीब लाने में पटनायक कामयाब हुए। यह दोपहर भोज पटनायक के आवास पर आयोजित किया गया था। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे। यह महामिलन पूर्वी जोनल काउंसिल की २४ वीं बैठक के कारण हुआ। इस बैठक की अध्यक्षता शाह ने की। दोपहर भोज के साथ और क्या राजनीतिक खिचड़ी पकी, इस पर रहस्य बना हुआ है?