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झांकी… मास्क सबसे आगे

धीरे-धीरे बिहार इलेक्शन मोड में आ रहा है और अवसर व सुविधानुसार राजनीतिक आवागमन भी शुरू हो गया है। कोरोना की अदृश्य मौजूदगी के बीच राज्य में चुनाव लड़ने जा रही तमाम राजनीतिक पाटिर्‍यों ने कोरोना आपदा को ध्यान में रखकर प्रचार के नए तरीके अपनाने होंगे। आपदा में अवसर की संभावनायें प्रबल हुई हैं और अब पार्टियों के चुनाव चिन्ह वाले मास्क भी बिकने शुरू हो गए हैं। अब वह पुराने परंपरागत मुखौटे, टोपी, ब्रेसलेट, झंडे, बैनर और परचे पिछड़ रहे हैं। भावी चुनाव में मास्क देखकर ही मतदाता के समर्थन का अंदाजा लग जाएगा। राजनीतिक दल मास्क के साथ सेनिटाइजर और पीपीई किट भी अपने चुनाव चिह्न के साथ छपवाकर देने की तैयारी में हैं। सामान्यत: थोक में १४ से २२ रुपए प्रति मास्क कीमत है। जबकि फुटकर में एक मास्क २० से ३५ रुपए का है। जैसा माल वैसी ताल की तर्ज पर १४ से २० रुपए वाला मास्क सामान्य कपड़े का है। थोक में २२ रुपए वाला मास्क होजियरी के कपड़े का बना है। यह मास्क संक्रमण और गर्मी दोनों को रोकेगा यानी इससे दोहरा फायदा मिलेगा। कलर मास्क थोक में १४ सौ और डबल कलर में १५ से १७ सौ रुपए सैकड़ा और तीन कलर में इसके दाम दो हजार रुपए प्रति सैकड़ा तक हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इनकी मांग ज्यादा है। वैसे एक सच यह भी है कि मानकों की अनदेखी कर बनाए गए मास्क से संक्रमण का खतरा बना रहता है। कोरोना से बचाव के लिए दोहरी परत वाले मास्क जरूरी हैं। इसका ऊपरी हिस्सा थोडा कड़क और अंदर की तरफ मुलायम होना चाहिए। सिर्फ कपड़े का मास्क फायदेमंद नहीं है। मास्क के सामने वाले हिस्से पर ही यदि रासायनिक रंगों की पेटिंग की गई हो, तो वह हवा के साथ सीधे हमारे शरीर में पहुंचेगा, जो स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है।
मिर्ची बाबा की मिर्ची
महाराज अर्थात ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनके ही गढ़ में सीमित रखने की नीति पर चलते हुए कांग्रेस भाजपा में सेंध लगा रही है। इसी क्रम में श्रीश्री १००८ महामंडलेश्वर वैराग्यनंद गिरि महाराज उर्फ मिर्ची बाबा के सान्निध्य में भिंड भाजपा की जिला मंत्री रही भिंड की पूर्व जनपद अध्यक्ष संजू जाटव के कांग्रेस प्रवेश ने भाजपाइयों के कान खड़े कर दिए हैं। २ साल से घर बैठी संजू जाटव गोहद सुरक्षित विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहती हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आशीर्वाद भी दे दिया है। पूर्व सांसद बसपा नेता डॉ. रामलखन सिंह के आशीर्वाद से बसपा में रहकर भिंड जनपद पंचायत में अध्यक्ष चुनी गई संजू जाटव ने भाजपा का दामन थाम लिया था। वर्ष २०१७ में आए अविश्वास प्रस्ताव से संजू जाटव की कुर्सी चली गई थी। मिर्ची बाबा के अलावा गुजरात के श्रीश्री १००८ आनंदगिरि महाराज के साथ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलकर कांग्रेस में प्रवेश करने वाली संजू जाटव की जनपद अध्यक्ष पद की कुर्सी जाने के पीछे भाजपा द्वारा उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आना था। साथ में श्रीमती जाटव के पति गजराज जाटव भी थे। गजराज पर पिछले दिनों ग्वालियर में दुष्कर्म जैसा संगीन आरोप लगा था। फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं। संजू को कांग्रेसी खेमे में लाने में गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने भी पार्श्व में रहकर भूमिका निभाई है। मिर्ची बाबा की यह अनुयाई कितनी तीखी मिर्ची साबित होगी यह उपचुनाव परिणाम पर टिका है।
मातम का जश्न!
यह तस्वीर उस पुलिस की छवि से बिल्कुल भिन्न है जो लॉकडाउन के समय आम जनमानस की मदद करती भी नजर आती थी और डंडा बरसाती भी। शर्मनाक यह है कि बाबतपुर-वाराणसी मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त माल वाहक वाहन के पास खीसें निपोर रहा यह पुलिसकर्मी मातम में जश्न की मुद्रा में नजर आ रहा है। हरहुआ ओवरब्रिज पर वाहन पलटने से मौके पर ही तीन लोग मारे गए और ५ घायल हुए जिनका नजदीकी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वाहन के पिछले हिस्से में बैठे व्यापारी व कामगार ओवरब्रिज पर बने डिवाइडर पर गिरे, जिसमें से ३ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और ५ गंभीर रूप से घायल है। इस घटना में चालक सहित ३ बाल बाल बच गये ये सभी आगे की तरफ बैठे थे।
मुन्नी में मुन्ना
पेट के निचले हिस्से में दर्द का इलाज करने अस्पताल पहुंची महिला अब उससे भी बड़ी बीमारी की शिकार हो गई है। संक्षेप में कहें तो मुन्नी निकली मुन्ना। मामला पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले का है। ३० वर्षीय एक विवाहित महिला को पेट के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत होने के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस अस्पताल जाने पर पता चला कि वास्तव में वह ‘पुरुष’ है और उसके अंडकोष में कैंसर है। अस्पताल के डॉ. अनुपम दत्ता और डॉ. सौमन दास द्वारा चिकित्सकीय परीक्षण करने पर महिला की ‘असली पहचान’ सामने आई है। देखने में वह महिला है। आवाज, सामान्य जननांग इत्यादि सब कुछ महिला के हैं। लेकिन उसके शरीर में जन्म से ही गर्भाशय और अंडाशय नहीं है। उसे कभी माहवारी भी नहीं हुई। डॉक्टरों का कहना है कि यह दुर्लभ स्थिति सामान्यत: २२ हजार लोगों में से एक में पाई जाती है। आश्चर्यजनक यह है कि इस महिला की २८ वर्षीय बहन की जांच में भी यही स्थिति सामने आई है, जिसमें व्यक्ति जेनेटिकली पुरुष होता है लेकिन उसके शरीर के सभी बाह्य अंग महिला के होते हैं। महिला की कीमोथेरेपी की जा रही है और उसकी हालत स्थिर है। वह महिला की तरह बड़ी हुई है और एक पुरुष के साथ लगभग एक दशक तक विवाहित जीवन जी चुकी है। इस समय मेडिकल स्टाफ और डॉक्टर मरीज और उसके पति की काउंसलिंग कर रहे हैं और समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि आगे भी वे उसी प्रकार जीवन बिताएं जैसे अब तक रहे हैं। एक अन्य आश्चर्य यह भी है कि मरीज की दो अन्य रिश्तेदारों को भी अतीत में यही समस्या रही है, इसलिए यह जीन जनित समस्या जान पड़ती है।