झाग बुझाएगा आग

देवनार डंपिंग ग्राउंड में बढ़ रही आग की घटनाओं पर पूर्णतया अंकुश लगाने के लिए मनपा हर संभव प्रयास कर रही है। असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकने व निगरानी रखने के लिए डंपिंग ग्राउंड में ऊंची दीवार, सीसीटीवी कैमरा और रोशनी की व्यवस्था पहले से ही की गई है। ऐसे में अब आग लग जाने के बाद उस पर काबू पाने के लिए मनपा द्वारा पानी की जगह झाग का प्रयोग किया जाएगा।
बता दें कि मनपा की हाई मॉनिटरिंग कमिटी में आईआईटी मुंबई के एक प्रोफेसर ने देवनार डंपिंग ग्राउंड पर लगनेवाली आग को बुझाने के लिए पानी की जगह झाग (फोम) का सहारा लेने की बात कही है। मनपा के घनकचरा प्रबंधन विभाग के उपायुक्त विश्वास शंकरवार ने बताया कि आग को बुझाने के लिए पानी की जगह झाग (फोम) का प्रयोग शुरुआत में प्रायोगिक तौर पर किया जाएगा। विशेषज्ञों का दावा है कि यह झाग (फोम) आग को पैâलने से रोकता है और शीघ्र आग बुझाता है।
क्या है फायरफाइटिंग फोम?
पानी, कार्बन डाईऑक्साइड और कई अग्निशामक यंत्रों की तरह फोम का प्रयोग भी आग को बुझाने के लिए किया जाता है। फायर फाइटिंग फोम सामान्यतया पानी, तेल और गैसोलिन से कम घनत्ववाला एक हवा के बुलबुलों का संग्रहण होता है। फोम मुख्य रूप से तीन तत्व पानी, फोम कंसंट्रेट और हवा से मिलकर बनता है। इन तीन तत्वों से समरूप फोम ब्लैंकेट बनती है, जिसके द्वारा आग को बुझाया जाता है। यह आग की लपटों को र्इंधन की सतह से अलग करके उसे ठंडा करती है। इसी के साथ आग के कारण निकलनेवाले धुएं को भी दबा देती है।