टन टना टन खुद रही टनल!, भूमिगत मुंबई मेट्रो की आधी खुदाई हुई पूरी

मुंबई की नई लाइफ लाइन के रूप में तैयार हो रही मेट्रो-३ कोलाबा-बांद्रा सिप्ज के अंडर ग्राउंड टनल का काम काफी तेजी से हो रहा है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने महज १९ महीने में ५० प्रतिशत टनल का काम पूरा कर लिया है। मेट्रो-३ अंडर ग्राउंड अप-डाउन रूट टनल की लंबाई ५६ किमी है।
कोलाबा-बांद्रा सिप्ज मेट्रो-३ मुंबई ही नहीं, देश की पहली सबसे लंबी अंडर ग्राउंड मेट्रो लाइन है। मुंबई जैसे भीड़-भाड़वाली सड़कों पर मेट्रो की अंडर ग्राउंड टनल की खुदाई का काम करना मतलब शिव के धनुष-बाण को उठाने जैसा है। जिस तरह से मेट्रो-३ का काम तेज गति से हो रहा है इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन तय समय पर मेट्रो का काम पूरा करने के लिए कटिबद्ध है। मेट्रो का काम समय पर पूरा हो इसलिए विश्व स्तरीय सुरक्षा मानकों का उपयोग किया जा रहा है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की व्यवस्थापकीय संचालक अश्विनी भिड़े का कहना है कि भौगोलिक दृष्टि से मुंबई में पुरानी इमारतें, मीठी नदी व एलिवेटेड मेट्रो-१ के नीचे से अंडर ग्राउंड मेट्रो-३ की टनल खुदाई का काम बहुत ही जोखिम भरा और कठिन है। विशेष कर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कर इन कामों को पूरा किया जा रहा है। ठेकेदार, सलाहकार सभी का इन काम में योगदान है। टनलिंग की खुदाई सहित बेस स्लैब, कॉनवोर्स स्लैब, कॉलम सहित दीवार तैयार करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
यहां हुए टनलिंग के १३ चरण पूरे
सितंबर २०१७ को नयानगर लॉन्चिंग शॉफ्ट में कृष्णा-१ टीबीएम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों उतारा गया था। ६ नवंबर से प्रत्यक्ष रूप से टनल खुदाई के काम की शुरुआत हुई। मुंबई के भूगर्भ में कुल १७ टीबीएम मशीनें कार्यरत हैं। टनल खुदाई का पहला चरण सितंबर २०१८ में पूरा हुआ था। इसके बाद केवल ८ महीने में कुल १२ चरण में टनल का काम पूरा हुआ है। अभी तक सिप्ज स्थित १, सीएसएमआईए-टी-२स्थित २, सहार, एमआईडीसी, वरली और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट स्थित १ तो दादर, विद्यानगर और विधानभवन स्थित २ ऐसे कुल मिलाकर १३ चरणों में अंडर ग्राउंड टनल का काम अब तक पूरा हो चुका है।
यहां उतारे गए थे टीबीएम
मुंबई-६ के भूगर्भ में अंडर ग्राउंड टनल की खुदाई के लिए कफ परेड, इरोस सिनेमा, आजाद मैदान, साइंस म्यूजियम, सिद्धिविनायक, नयानगर, बीकेसी, विद्यानगरी, पाली मैदान, सारिपुत, सहार रोड और छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट टी-२ पर टीबीएम लॉन्च शॉफ्ट बनाया गया था।
यहां हुई सबसे लंबी टनल खुदाई
टनल खुदाई के कुल काम में से सबसे लंबी टनल की ३.९ किमी खुदाई विद्यानगरी से अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक हुई है जबकि सबसे छोटी ५६२ मीटर टनल की खुदाई सारिपुत से सिप्ज की हुई है।
२८ किमी अंडर ग्राउंड टनल की खुदाई में १९,४९५ सेगमेंट रिंग्स का इस्तेमाल किया गया है। ये सेगमेंट मुंबई के ६ कास्टिंग यार्ड में तैयार किए जा रहे हैं। इनमें से ४ वडाला, १ माहुल और १ जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड स्थित है। कुल ३३.५ किमी मेट्रो मार्ग के शेष ५० प्रतिशत अंडर ग्राउंड टनल की खुदाई का काम भी जल्द ही पूरा किया जाएगा, ऐसी जानकारी मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के परियोजना संचालक एस़ के. गुप्ता ने दी।
१९५०४ सेगमेंट रिंग्स तैयार करने के लिए १ लाख ४५ हजार ५८६ घनमीटर सीमेंट का इस्तेमाल किया गया।
१९,५०४ सेगमेंट रिंग्स के निर्माण के लिए ११९८३.३८ मैट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया।
औसतन रोजाना ४७.५ मीटर टनल की खुदाई हो रही है।