टैक्सी का टेंशन! चर्चगेट से मंत्रालय रु.800

ओला-उबर टैक्सी चालकों की स्ट्राइक पिछले ६ दिनों से जारी है। इस स्ट्राइक के कारण शहर में चलनेवाली हजारों ओला-उबर की टैक्सियां बंद हैं। इस बंद के चलते एसी की सवारी करनेवाले ओला-उबर ग्राहकों को टैक्सी का टेंशन हो गया है। इस स्ट्राइक के दौरान अभी भी कुछ ओला-उबर ड्राइवर ऐसे हैं, जो लालच में रिस्क लेकर भाड़ा उठा रहे हैं। हवाई जहाज के किराए की तर्ज पर डिमांड के मुताबिक ओला-उबर का किराया भी बढ़ता है। डिमांड अधिक और सर्विस कम उपलब्ध होने से ओला- उबर का किराया इन दिनों सातवें आसमान पर पहुंच रहा है।
स्ट्राइक के कारण कल मंत्रालय से सांताक्रुज एयरपोर्ट का किराया ८०० रुपए था जो कि काली-पीली टैक्सी के किराए से लगभग दो गुना अधिक था, वहीं ओला-उबर चालकों की मानें तो स्ट्राइक के कारण ओला-उबर टैक्सियों का किराया ढाई से तीन गुना तक बढ़ रहा है।
बता दें कि अपनी विभिन्न मांगों को मनवाने के लिए इन दिनों ओला-उबर टैक्सी के मालिक और चालक हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण शहर में चलनेवाली ओला-उबर की हजारों टैक्सियां सड़कों से नदारद हैं। जिगर म्हडे को कल मंत्रालय से सांताक्रुज एयरपोर्ट जाना था। उन्होंने उबर टैक्सी बुकिंग करना चाहा। जिगर के मुताबिक उबर से बुकिंग करने पर पहले तो बुकिंग हो नहीं रही थी लेकिन कुछ समय के बाद बुकिंग मिलने पर एयरपोर्ट का किराया ८०० रुपए बता रहा था। जोकि काली-पीली टैक्सी के किराए का लगभग दो गुना था। काली-पीली टैक्सी चालक संदीप मौर्य ने बताया कि मरीन ड्राइव के ओबेरॉय होटल से एयरपोर्ट की दूरी लगभग २३ किलोमीटर है। ऐसे में काली-पीली का किराया लगभग ३७० रुपए होता है। इसी तरह शनिवार को फोर्ट से बोरीवली का किराया ४० किलोमीटर की दूरी के लिए लगभग २ हजार रुपए के करीब बता रहा था। मौर्य का कहना है कि ओला-उबर के स्ट्राइक के कारण काली-पीली टैक्सी को इन दिनों लंबी दूरी का अच्छा किराया मिल रहा है। खासकर अंधेरी, बांद्रा, बोरीवली और एयरपोर्ट का किराया अधिक मिल रहा है। दिव्या सोनावणे ने बताया कि ओला -उबर की स्ट्राइक के कारण टैक्सियां नहीं मिल रही हैं। उबर ड्राइवर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ओला-उबर की संयुक्त स्ट्राइक में लगभग ९० प्रतिशत से अधिक गाड़ियां बंद है। कल तक शत प्रतिशत बंद हो जाएगी, जो लोग भाड़ा ले रहे हैं पकड़े जाने पर उनके वाहनों के टायर निकाल दिए जा रहे हैं। ऐसे में अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है, वहीं स्ट्राइक के कारण ओला-उबर के किराए में ढाई से तीन प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इस तरह के मैसेज भी कंपनियां चालकों को भेज रही हैं ताकि लालच में लोग गाड़ी चलाएं।