टोल नाकों पर नहीं हो रहा है पीली पट्टी के नियमों का पालन, ट्रैफिक जाम में घंटों फंसे रहती हैं वाहन

टोल नाकों की वजह से होनेवाली ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए एमएमआरडीसी ने टोल वसूली केंद्र से १०० मीटर की दूरी पर एक पीली पट्टी का बोर्ड लगाया है। वाहनों की लाइन इस पट्टी के पार कर जाने पर टोल वसूल किए बिना वाहनों को छोड़ने का निर्देश राज्य सरकार ने दिया था। वहीं एमएमआरडीसी की तरफ से दहिसर चेक नाका स्थित टोल नाका के इंचार्ज रवि इंगले का कहना है कि इस प्रकार का कोई लिखित निर्देश उन्हें राज्य सरकार से नहीं प्राप्त हुआ है।
मुंबई के प्रवेश द्वार और ठाणे जिले के पांच टोल नाकों पर १०० मीटर के अंतराल पर पीली पट्टी का बोर्ड लगाया गया था। वाहनों की लाइन इस पीली पट्टी को पार कर जाने पर वहां तक के वाहनों को बिना टोल वसूले जाने देने का निर्देश राज्य सरकार ने दिया था। टोल नाकों पर किसी भी वाहन को अधिक से अधिक चार मिनट से ज्यादा रुकना न पड़े, ऐसा टोल ठेकेदारों से किए गए करार में भी दर्ज किया गया है।
पीली पट्टी बोर्ड को भी अन्य बोर्ड की आड़ में छुपाने का प्रयास किया गया है, जिससे वाहन चालकों में भारी नाराजगी है। इस विषय में दहिसर टोल नाका के इंचार्ज रवि इंगले से पूछने पर इंगले ने बताया कि एक सूचना अधिकार के जवाब में एमएमआरडीसी मुंबई के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मुक्तेश वाडकर ने लिखित रूप से बताया है कि पीली पट्टी के संदर्भ में राज्य सरकार से कोई भी निर्देश नहीं दिए गए हैं।
इंगले ने बताया कि ट्रैफिक की समस्या से हम भी परेशान हैं। निरंतर वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है जबकि दहिसर टोल नाके तक सड़क संकरी ही रह गई है। काशीमीरा के पास स्थित जकात नाके को लेने की चर्चा चल रही है।