ट्रैफिक जाम में हम हैं नंबर-वन, दिल्लीवाले दुनिया में चौथे नंबर पर

मुंबई में अनेक निर्माणधीन कार्यों के चलते ट्रैफिक की समस्या आम है। हद तो तब हो गई जब एक अध्ययन में यह बात सामने आई कि ५६ देशों के ४०३ शहरों में से ट्रैफिक जाम के मामले में मुंबई नंबर-वन पायदान पर है। इतना ही नहीं इस सूची में दिल्लीवाले दुनिया में चौथे नंबर पर हैं।
दुनिया में सबसे ज्यादा ट्रैफिक यदि कोई झेल रहा है तो वो मुंबई शहर है और पहले स्थान पर है। एपल और ऊबर के लिए नक्शे तैयार करनेवाली लोकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी टॉमटॉम द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में उक्त बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार मुंबई में सफर के लिए सबसे बेहतर वक्त रात के दो बजे से सुबह पांच बजे के बीच का है, क्योंकि यह ऐसा वक्त है जब सबसे कम ट्रैफिक का दबाव होता है। यहां सुबह आठ बजे से १० बजे के बीच लोगों को ८० फीसदी ज्यादा समय लगता है, वहीं शाम को पांच से आठ बजे के बीच यह बढ़कर १०२ फीसदी हो जाता है। टॉमटॉम के जनरल मैनेजर बारबरा बेलपियरे ने बताया कि मुंबई में औसत रूप से ५०० कारें प्रति किलोमीटर चलती हैं, जो दिल्ली के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस समस्या के अनेक कारण हैं जैसे मुंबई की बढ़ती जनसंख्या, वाहनों की संख्या में इजाफा, मेट्रो, मोनो व आदि निर्माणाधीन कार्यों के कारण ट्रैफिक का दबाव बढ़ता जा रहा है। लोगों और सरकार दोनों को इस पर मंथन करने की आवश्यकता है। एक बार मेट्रो का कार्य पूरा हो जाए तो ट्रैफिक काफी हद तक कम हो सकती है, दूसरी ओर लोगों को निजी वाहनों की बजाय सरकारी ट्रांसपोर्ट सेवा का इस्तेमाल करना चाहिए।
ट्रैफिक का दबाव
ट्रैफिक दबाव में कोलंबिया की राजधानी बोगोटा दूसरे, पेरु की राजधानी लीमा तीसरे और रूस की राजधानी मॉस्को पांचवें स्थान पर है। रिपोर्ट बताती है कि व्यस्ततम समय में लोगों को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में ६५ फीसदी ज्यादा समय लगता है, वहीं बोगोटा में ६३ फीसदी, लीमा में ५८ फीसदी, दिल्ली में ५८ फीसदी और मॉस्को में ५६ फीसदी ज्यादा समय लगता है।