ठगने गए थे  हुए ठगी का शिकार

ठगी के एक दिलचस्प मामले में 9 मित्रों को ठगों ने जमीन की खुदाई में मिला लगभग 13 किलो सोना डेढ़ करोड़ रुपए में बेचने का प्रस्ताव दिया था। औने-पौने दाम में मिल रहे 5 करोड़ का सोना खरीदने के लिए उन मित्रों ने नकली नोटों का इस्तेमाल किया। सोना लेकर वापस लौटते समय जब पुलिस ने उन्हें रोका और तथाकथित सोने की जांच हुई तो सोना भी नकली निकला।

बता दें कि मुंबई निवासी एक व्यक्ति को फोन पर किसी ने डेढ करोड़ रुपए में लगभग 13 किलो सोना देने का लालच दिया। उसने यह बात अपने दोस्तों को बता दी। अलग-अलग ऑफिसों में नौकरी करनेवाले वे सभी मित्र लालच में पड़ तो गए लेकिन उनके पास डेढ करोड़ रुपए नहीं थे। किसी भी कीमत पर सोना हासिल करने के प्रलोभन में उन लोगों ने सोना देने वाले को नकली (चिल्ड्रन बैंक) नोट देकर सोना लेने की योजना बनाई। वे नकली नोटों के साथ 3 कारों में नवसारी पहुंच गए और नोट देकर 12 किलो 750 ग्राम सोना ले लिया। वापस लौटते समय भिलाड पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कारों में भरी पीली धातु के छोटे-छोटे टुकड़े (टिकिया) और वजन कांटा देखकर पुलिस को शक हुआ। जांच में पीली धातु की टिकिया पीतल की निकली। उन सभी को नकली सोना देकर ठगी करने वाले गिरोह का सदस्य मानकर पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो पहले उन मित्रों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन बाद में नकली नोट देकर नकली सोना खरीदने की पूरी कहानी सुना दी। बताया जा रहा है कि भिलाड पुलिस ने सत्यवान दीवेर, मनीष हिरेन शेडकर, संतोष मोरे, वैभव विजय, दयानंद गुरने, राहुले हीरवे, रोहन विजय चतुर्वेदी, सौरभ अरुण और प्रवीण वाकडे नामक मित्रों को गिरफ्तार कर लिया है। भिलाड पुलिस ने नकली सोना बेचने वालों की धरपकड़ के लिए नवसारी पुलिस को सूचना दे दी है। अनुमान है कि नकली नोट के बदले नकली सोना गंवाने वाले ठगों ने ही ठग मित्रों की जानकारी पुलिस को दी होगी। जप्त कारों एवं पीली धातु के टुकड़ों की कुल कीमत 18 लाख 86 हजार रुपए आंकी गई है।