ठाकरे झूठ नहीं बोलते!, उद्धव ठाकरे ने खोली भाजपाइयों की परत-दर-परत पोल

झूठ बोलना हमारे खून में नहीं
शिवसेना का मुख्यमंत्री बनेगा ही, इसके लिए मुझे देवेंद्र फडणवीस या अमित शाह की मदद और आशीर्वाद की जरूरत नहीं
राम मंदिर का श्रेय सरकार न ले, यह कोर्ट का निर्णय होगा
मीठा बोल कर वे शिवसेना का पतन करने का सोच रहे थे, जिसमें वे असफल रहे
देवेंद्र से मुझे यह अपेक्षा नहीं थी
महाराष्ट्र की जनता को उल्लू नए बनाए भाजपा
भाजपा सरकार बनाए नहीं तो सबके विकल्प खुले हैं

राज्यपाल को मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंपने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने एक बार फिर ढाई-ढाई वर्ष के मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा नहीं होने की बात मीडिया के सामने दोहराई। भाजपाइयों द्वारा दिए जा रहे इन झूठे बयानों की परत-दर-परत पोल कल शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने खोली। शिवसेना भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में उद्धव ठाकरे ने भाजपा नेताओं के झूठे बयानों की एक-एक करके बखिया उधेड़ी। भाजपाइयों की पोल खोलते हुए उद्धव ठाकरे ने वर्ष २०१४ में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव के समय कुलदीप सिंह विश्नोई का उदाहरण दिया, जिसे भाजपाइयों ने सीएम बनाने का वादा किया था और बाद में यही भाजपाई अपने वादों से मुकर गए। उद्धव ठाकरे ने कहा कि झूठ बोलने की फेहरिस्त अगर हम खोलें तो भाजपा ने अच्छे दिन का वादा दिया था। नोटबंदी के ५० दिनों बाद सबकुछ अच्छा होने की बात इन्होंने कही थी। उद्धव ठाकरे ने कल अमित शाह एंड कंपनी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि खुद झूठ बोलनेवाले अब मुझे झूठा ठहरा रहे हैं। झूठ बोलना हमारे खून में नहीं और इसे मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता। झूठ बोलने की परंपरा न ही शिवसेना की है और न ही हमारे घराने की है। ठाकरे कभी झूठ नही बोलते।
हम वचन देते हैं तो निभाते हैं
५०-५० फॉर्मूले को लेकर भाजपा पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि झूठ बोलनेवालों से वैâसी बातचीत? उन्होंने कहा कि झूठों से मुझे कोई चर्चा नहीं करनी है। उन्होंने कहा कि मैंने अपने पिता बालासाहेब को वचन दिया था कि एक न एक दिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर शिवसैनिक को बैठाकर रहूंगा। शिवसेनाप्रमुख को मैंने जो वचन दिया है, उसे पूरा करके ही रहूंगा। उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेनाप्रमुख को दिए गए वचन को पूरा करने के लिए मुझे देवेंद्र फडणवीस और अमित शाह की मदद की जरूरत नहीं है।
गंगा साफ करते-करते इनका मन दूषित हो गया है
युति करते समय मुझे इस बात की खुशी थी कि हिंदुत्व को माननेवाले दो दल एक साथ आए हैं। जो हुआ वो गंगा में बह गया लेकिन गंगा साफ करते-करते इनके मन दूषित हो गए हैं।
मुझे भाजपा के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं
मुझे इस बात का दु:ख है कि शिवसेनाप्रमुख के बेटे यानी मुझे झूठा कहा गया। कोई कुछ भी कहे लेकिन महाराष्ट्र की जनता को पता है कि बालासाहेब क्या हैं और उनका बेटा क्या है। सच और झूठ के लिए मुझे भाजपा के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं।