" /> ठाकरे सरकार के १०० डेज!, शतक और बजट का विलक्षण योग

ठाकरे सरकार के १०० डेज!, शतक और बजट का विलक्षण योग

बजट पेश करने के दिन सरकार के १०० दिन पूरा करने का यह विलक्षण योग है। १०० दिन पूरा होने पर बजट पेश करनेवाली सौभाग्यशाली यह सरकार है। तीन अलग-अलग विचारोंवाली पार्टी ने एक साथ आकर राज्य के विकास का बजट पेश किया। इससे ये सरकार वैâसे चलेगी, ये शंका जिसके मन में होगी, वो दूर हो गई होगी। ऐसा तंज कसते हुए विकास की महागाथा लिखनेवाली महाविकास आघाड़ी की सरकार ने बजट पेश किया है। ऐसा प्रतिपादन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया।
विधि मंडल के दोनों सदनों में बजट पेश होने के बाद कल मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रेस रूम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार के १०० दिन पूरे हुए। जब सरकार अस्तित्व में आई तो कई लोगों को आनंद हुआ तो कुछ लोगों ने अपनी भौंहें ऊपर कर लीं। कई लोग ये सपना देख रहे थे कि ये सरकार कब तक चलेगी, कितने घंटे चलेगी, कितने मिनट चलेगी। यह पूछा जा रहा था कि तीन अलग-अलग विचारों के पक्ष एक साथ वैâसे आएंगे और वे एक साथ वैâसे काम करेंगे? लेकिन आज मुझे ये कहते हुए गर्व और खुशी हो रही है कि इस सरकार ने १०० दिन पूरे कर लिए हैं। राज्य सरकार ने पहला बजट पेश कर लिया है। इसके बाद जो हमारी आलोचना कर रहे थे, उनकी चिंताएं दूर हो गई होंगी क्योंकि हमारी सरकार एक विचार की है और विकास करनेवाली सरकार है, ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा।
यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, कृषि, किसान, मजदूर, रोजगार सहित समाज के सभी घटकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। देश और पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी है। देश और दुनिया को हतोत्साहित करनेवाला माहौल है। इसके पीछे क्या कारण है, इस राजनीति में नहीं जाना चाहता हूं। कोरोना वायरस का दुनियाभर में संकट है। ऐसे समय में परिस्थिति का मुकाबला करते हुए राज्य को प्रगति की दिशा देनेवाला यह बजट है, ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा। यह बजट सभी विभागों का है। इन विभागों के माध्यम से आम जनता के लिए बजट पारित किया जाएगा। इस बजट का धन्यवाद करने के बाद, मैं अजीत दादा को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने बजट को इतने सरल ढंग से पेश किया इसलिए बजट को समझने के लिए किसी पुस्तक की आवश्यकता नहीं हुई, ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा।

महिला उत्पीड़न पर लगेगा अंकुश सरकार बनाएगी कड़े कानून – मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण को लेकर ये सरकार प्रयत्नशील है। महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाएगा। ये जानकारी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दी। मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कानून बनाए जाएंगे। लेकिन इसके साथ ही एक सुसंस्कृत समाज निर्माण करने की भी जरूरत है। अपना राज्य एक संस्कार देनेवाला प्रदेश है। राज्य में कई समाज सुधारक हुए। यदि हम एक अच्छे समाज का निर्माण करना चाहते हैं तो हमें बुरी प्रवृत्ति को सबक सिखाना चाहिए। पार्टी और प्रांत का भेदभाव भूलकर महिलाओं की सुरक्षा और विकास के लिए सभी को एकजुट होना होगा। छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले के महाराष्ट्र में महिलाओं पर अत्याचार नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि निर्भया कांड के आरोपियों को सजा सुना दी गई है लेकिन उन्हें अभी तक सजा नहीं हो सकी है। त्वरित न्याय के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने ‘दिशा’ कानून बनाया है। दिशा कानून की तर्ज पर महाराष्ट्र में कानून लाया जा रहा है, ऐसा मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया।