ठाणेकरों का फूलेगा दम  ऑक्सीजन होगा कम, ४,२५६ वृक्षों की मौत से १६,५९,८४० किलो ऑक्सीजन समाप्त होगा

सभी ने विद्यालय में विज्ञान की किताब में पढ़ा ही होगा कि वृक्ष साधारण रूप से कार्बन डाई ऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन छोड़ता है। ठाणे शहर में ऐसे ही ऑक्सीजन छोड़नेवाले ४,२५६ वृक्षों की मौत का फरमान जारी किया गया है। विशेषज्ञों की मानें तो इन वृक्षों की मौत से अगले तीन वर्षों के लिए १,६५,७९,८४० किलो ऑक्सीजन कम होगा। यदि इसी प्रकार ऑक्सीजन में कमी आती रही तो आनेवाले दिनों में ठाणेकरों का दम फूलने लगेगा।
बता दें कि ठाणे मनपा प्रशासन और एमएमआरडीए के ४ परियोजनाओं में कुल ४,२५६ वृक्षों की मौत होना तय है। इन वृक्षों की मौत के बदले ठाणे मनपा अलग जगहों पर पौधे लगानेवाली है लेकिन पौधों को बड़े होने में कम से काम ३ वर्ष का समय लगेगा तब तक पौधे उचित मात्रा में ऑक्सीजन नहीं बना सकते। `वन शक्ति संस्था’ के स्टॅलिन दयानंद ने बताया कि विज्ञान के आधार पर एक वृक्ष एक वर्ष में कुल १३० किलो ऑक्सीजन बनाता है, जिसका इस्तेमाल कुल ६ लोग एक वर्ष तक कर सकते हैं। यदि इन वृक्षों की मौत होती है तो एक वर्ष के लिए ५५,६२८ किलो ऑक्सीजन की कमी होगी, जिसका इस्तेमाल कुल ३३ हजार १९८ लोग एक वर्ष तक कर सकते थे। `म्यूज’ संस्था के निशांत बंगेरा ने बताया कि कुल ४ परियोजनाओं के कारण इन वृक्षों को मौत के घाट उतारा जा रहा है। इसके बदले मनपा प्रशासन वृक्ष तो लगाएगा लेकिन इन्हें तैयार होने में करीब ३ वर्ष का वक्त लगेगा तब १६,५९,८४० किलो ऑक्सीजन की कमी होगी, जिसका इस्तेमाल २ लाख ७६ हजार ६४० लोग इस्तेमाल कर सकते थे।
कार्बन डाई ऑक्साइड में होगी बढ़ोत्तरी
विज्ञान के आधार पर एक एकड़ जमीन पर स्थित १,००० वृक्ष एक वर्ष में कुल २.६ टन कार्बन डाई ऑक्साइड लेता है। यदि ४,२५६ वृक्षों की मौत होगी तो कुल १०.४ टन कार्बन डाई ऑक्साइड की ठाणे शहर में बढ़ोत्तरी होगी। उस हिसाब से अगले ३ वर्षों में ३१.२ टन कार्बन डाई ऑक्साइड की ठाणे शहर में बढ़ोत्तरी होगी।