" /> ठाणे जिला परिषद पर फिर लहराएगा भगवा, अध्यक्ष का चुनाव आज शिवसेना के पास पूर्ण बहुमत

ठाणे जिला परिषद पर फिर लहराएगा भगवा, अध्यक्ष का चुनाव आज शिवसेना के पास पूर्ण बहुमत

ठाणे जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव १५ जुलाई को होगा। जैसा कि अध्यक्ष पद ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित है इसलिए एक बार फिर जिला परिषद पर महिला राज आना निश्चित है। जिला परिषद में पूर्ण बहुमत की बात करें तो यह स्पष्ट है कि शिवसेना का उम्मीद्वार ही अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुना जाना तय है। इस बीच, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोरोना की पृष्ठभूमि पर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
ठाणे के एन.के.टी. सदन में चुनाव प्रक्रिया सुबह ११ बजे से शुरू होगी। जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन-पत्र भरने की समय सीमा सुबह ११ बजे से दोपहर १ बजे तक होगी। उप-मंडल अधिकारी अविनाश शिंदे को पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है, जो कि आवेदनों की जांच और नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया दोपहर ३ बजे तक पूर्ण करेंगे। यदि एक से अधिक आवेदन आया तो अध्यक्ष पद के लिए मतदान समय १५ मिनट अलग से होगा। अनुविभागीय अधिकारी अविनाश शिंदे ने कहा कि अध्यक्ष पद के बाद उपाध्यक्ष पद का चुनाव होगा। चुनाव कोरोना को ध्यान में रखकर किया जानेवाला है, इसलिए पार्टी के सभी सदस्य और पदाधिकारी मास्क पहनकर विधानसभा में आएंगे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इससे पहले उनके थर्मल तापमान की भी जांच की जाएगी।
लगातार तीसरी बार महिला राज
२०१८ में आयोजित ठाणे जिला परिषद के आम चुनाव में शिवसेना ने ५५ साल बाद इतिहास रचा था। ५३ में से, शिवसेना के ३४ सदस्य चुनकर आए थे, वहीं भाजपा के १६ सदस्य और राकांपा के २ सदस्य चुनकार आए थे। मंजुशा जाधव को बहुमत के लिए आवश्यक २७ वोटों से अधिक सात सदस्यों के साथ अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना गया था। एक साल के भीतर उनके इस्तीफे के बाद, दीपाली पाटील को अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना गया। जैसा कि उनका कार्यकाल १५ जुलाई को समाप्त हो रहा है। आनेवाले ढाई साल के लिए अगला जिला परिषद अध्यक्ष का चुनाव बुधवार को होगा। लगातार तीसरी बार जिला परिषद पर महिला राज नजर आएगा।