ठाणे शहर के लिए मेट्रो रेलवे परियोजना को मान्यता

यातायात समस्या को दूर करने के लिए ठाणे शहर में मेट्रो रिंग रेलवे परियोजना पर अमल करने की कल राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। ठाणे की घनी बस्ती के भागों की यातायात समस्या को दूर करने में इस परियोजना से मदद मिलेगी। ठाणे शहर व परिसर की बढ़ती यातायात की समस्या के लिए कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान तैयार किया गया है। उसके अनुसार ठाणे मनपा ने इस परियोजना का मेट्रो मार्ग का सविस्तार प्रस्ताव मंजूर किया है। इस रिपोर्ट को सरकार ने मान्यता दी है। ठाणे शहर अंतर्गत रिंग मेट्रो रेलवे परियोजना में नए ठाणे से ठाणे के दरम्यान २९ किमी का अंतर है। इसमें से २० एलिवेटेड जबकि दो अंडरग्राउंड ऐसे कुल मिलाकर २२ स्टेशन होंगे। इस परियोजना पर तकरीबन १३ हजार ९५ करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस परियोजना से २०२५ में प्रतिदिन ५ लाख ७६ हजार व २०४५ में प्रतिदिन ८ लाख ७२ हजार लोग यात्रा कर सकेंगे। नए ठाणे, रायला देवी, वागले चौक, लोकमान्य नगर बस डिपो, शिवाई नगर, नीलकंठ टर्मिनल, गांधी नगर, डॉ. काशीनाथ घाणेकर नाट्यगृह, मानपाडा, डोंगरीपाडा, विजय नगरी, वाघबिल, वॉटर प्रâंट, पाटलीपाडा, आजाद नगर बस स्टेशन, कोलशेत, औद्योगिक क्षेत्र, बालकुम नाका, बालकुम पाडा, राबोडी, शिवाजी चौक, ठाणे स्टेशन को स्टेशन के लिए प्रस्तावित किया गया है।
मेट्रो चार वडाला-घाटकोपर-मुलुंड-ठाणे-कासरवडवली यह रिंग मेट्रो होगी। इस परियोजना पर अमल महाराष्ट्र मेट्रो रेल कार्पोरेशन (महामेट्रो) के मार्फत किया जाएगा। इस परियोजना को सार्वजनिक परियोजना व महत्वपूर्ण नागरी परियोजना के रूप में घोषित कर मान्यता दी गई है।