डर गए अंकल सैम? और ट्रंप ने ले लिया यू-टर्न

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। ईरान द्वारा अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने के बाद से `अंकल सैम’ तिलमिलाए हुए हैं। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अंकल सैम के नाम से प्रसिद्ध हैं। ट्रंप ने खुद कहा कि वो ईरान के तीन ठिकानों पर हमला करने के लिए पूरी तरह से तैयार थे लेकिन हमला होने के सिर्फ १० मिनट पहले उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। उनके पैâसले के यू-टर्न को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। जानकार बताते हैं कि दरअसल अमेरिका ने दूर की सोचकर ईरान पर हमले का इरादा बदल दिया क्योंकि एक तरफ अमेरिका के प्रति ईरान के तेवर लगातार कड़े होते जा रहे हैं और साथ ही अमेरिका के स्वाभाविक दुश्मन रूस और चीन जैसी महाशक्तियां भी ईरान के साथ खड़ी हैं, इसी बात का अंदाजा लगते ही ट्रंप को यू-टर्न लेने के लिए बाध्य होना पड़ा। जानकारों का ये भी कहना है कि ईरान की सैन्य शक्ति और उसके मजबूत-आक्रामक सुरक्षा संसाधनों को लेकर अमेरिकी गुप्तचर एजेंसी ने ट्रंप को आगाह किया था, एक ये भी यू-टर्न का कारण हो सकता है। हालांकि पत्रकारों के ये पूछे जाने पर कि क्या आप ईरान पर हमला करेंगे? इस पर ट्रंप ने कहा था थोड़ा इंतजार कीजिए। इसके बाद अपनी सेना के जनरल को हमले का आदेश देने के बाद करीब १० मिनट में ही ट्रंप ने यू-टर्न ले लिया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप द्वारा लिया गया यह निर्णय तूफान के पहले की शांति का है। इससे दो काम हो गया। पहला ये कि ट्रंप को ईरान की सैन्य शक्ति का अंदाजा लगाने के लिए समय मिल गया और साथ ही ईरान को भी लगातार हमले को लेकर अलर्ट रहने पर मजबूर कर दिया। जानकारों का ये भी मानना है कि भविष्य में अमेरिका हमला करेगा भी तो औचक हमला ही करेगा ताकि ईरान को संभलने का मौका न मिले। उधर ईरान की धमकी के बावजूद ट्रंप की चुप्पी किसी बड़े हमले की ओर इशारा कर रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने पलटवार किया है। ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका उसकी तरफ एक गोली भी दागता है तो उसे इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ईरान ने अमेरिका को यह धमकी ऐसे समय दी है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई को लेकर बयान दिया। ईरान पर हमले की खबर के बाद मीडिया के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि जब मैंने अपने जनरल से पूछा कि इस हमले में कितने लोग मारे जाएंगे? तब सेना के जनरल ने पहले मुझसे थोड़ा समय मांगा और फिर मुझे बताया कि करीब डेढ़ सौ लोगों की मौत होगी। मैंने कहा कि उन्होंने एक मानव रहित ड्रोन को उड़ा दिया है और इसके जवाब में हम आधे घंटे में १५० मौतों के जिम्मेदार होंगे। मैंने कहा हमला रोक दो।’ इस बीच ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उसके खिलाफ कोई भी आक्रामक कार्रवाई करता है तो उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। मध्य पूर्व में सशस्त्र बल के जनरल स्टाफ के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोफजल शकरची ने कहा, `ईरान की ओर एक गोली चलाने से अमेरिका और उसके सहयोगियों के हितों में आग लग जाएगी।’ उन्होंने कहा कि इस्लामिक गणराज्य कभी भी युद्ध नहीं चाहता है। वह कभी जंग भी शुरू नहीं करना चाहता है। शकरची ने कहा, `लेकिन यदि दुश्मन छोटी सी भी गलती करता है तो उसे मध्य और पश्चिम एशिया में ईरान से सबसे बड़ी क्रांतिकारी प्रतिक्रिया का सामना करना और वह निश्चित रूप से लड़ाई से नहीं बचेगा।’ बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उनकी ईरान में तीन जगहों पर हमला करने की योजना थी। इस मामले पर ईरान का कहना है कि ड्रोन ने उसके एयरस्पेस का उल्लंघन किया है। वहीं वॉशिंगटन ने कहा कि ड्रोन इंटरनेशनल एयरस्पेस में मार गिराया गया। ईरान द्वारा अमेरिका का ड्रोन गिराए जाने से दोनों देशों के बीच सीधे युद्ध जैसा माहौल बन गया है। दोनों देशों के बीच संबंध पहले से ही बिगड़े हुए हैं। ईरान से तेल के निर्यात में रुकावट की आशंका के चलते गत शुक्रवार को तेल की कीमतें १ प्रतिशत बढ़कर ६५ डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह संकेत देते हुए कि अमेरिका भी कूटनीति का रास्ता चुन सकता है। ईरानी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से कई अहम खुलासे किए। उनके मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमला होने की वाला था लेकिन उन्होंने कहा कि वे युद्ध के खिलाफ है और बातचीत करना चाहते हैं। ज्ञात हो कि अमेरिका ने सोमवार को बंद कमरे में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की बैठक का अनुरोध किया है।