डस्टबिन खरीदी में घोटाला, महापौर ने की शिकायत

मीरा-भाइंदर महानगरपालिका द्वारा करीब २.५ करोड़ रुपए में डस्टबिन खरीदी की गई थी। इस प्रकरण में घोटाला होने की शिकायत खुद महापौर ने ही की है। जिससे इसकी संपूर्ण जांच और ठेकेदार को बिल अदा नहीं करने की मांग की जा रही है।
गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिए मनपा प्रशासन ने २.५ करोड़ रुपए खर्च कर १४ हजार डस्टबिन खरीदे थे। जिसे शहर की इमारतों में मुफ्त वितरण करने का दावा प्रशासन ने किया था।
वहीं मुफ्त डस्टबिन वितरित करने का दावा करने के साथ ही घनकचरा शुल्क के बिल लोगों को भेजे जाने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। डस्टबिन का दर्जा और उसके मूल्य पर संशय व्यक्त किए जा रहे हैं। खुद महापौर डिंपल मेहता ने मनपा आयुक्त बालाजी खतगावकर को पत्र लिख कर डस्टबिन खरीदी में घोटाला होने की शिकायत की है। डस्टबिन की संख्या के अनुसार उसके ५ हजार पहिए और रॉड कम होने के आरोप भी महापौर ने लगाए हैं। कुछ नगरसेवकों ने डस्टबिन पर अपने नाम लिखकर वितरित किए हैं। खरीदे गए निकृष्ट दर्जे के डस्टबिन के बाजार मूल्य और खरीदी मूल्य में बड़ा घोटाला होने से कार्रवाई की मांग की जा रही है।
शिवसेना नगरसेविका भावना भोईर ने बताया कि पालिका में भ्रष्टाचार व गैरव्यवहार हो रहा है। यह बात हम कई बार कह चुके हैं। महापौर ने अब खुद यह मान्य किया। यह अच्छा लगा। डस्टबिन आपूर्ति करनेवाले ठेकेदार का बिल अदा नहीं करना चाहिए। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाए।