डस्टबिन बम !

  • आतंकी रच सकते हैं साजिश,  हाई अलर्ट पर सुरक्षा बल

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में सुरक्षा हाई अलर्ट पर है। इसी को देखते हुए रेलवे ने भी मेल -एक्सप्रेस ट्रेनों सहित मुंबई की लाइफलाइन कही जानेवाली लोकल ट्रेनों की भी सुरक्षा बढ़ा दी है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और यहां की लाइफलाइन लोकल ट्रेन हमेशा से ही आतंकियों का पसंदीदा टारगेट रही है, ऐसे में लोकल ट्रेनों में सिलसिलेवार तरीके से हुए ७/११ बम धमाकों जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसे देखते हुए रेलवे सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरतना चाहती है। वहीं इंटेलिजेंस सूत्रों की अगर बात करें तो मुंबई की लाइफलाइन को सबसे ज्यादा खतरा ‘डस्टबिन बम’ से है। सूत्रों का मानना है कि आतंकी भीड़-भाड़ वाले स्टेशनों को अपना सॉफ्ट टारगेट बना सकते हैं और इसकी गुंजाइश ज्यादा है। धमाकों को अंजाम देने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए आतंकी खाने का डिब्बा (टिफिन) या फिर डस्टबिन (कचरे के डिब्बे) का सहारा बम धमाके के लिए ले सकते हैं, जिसे देखते हुए रेलवे इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं।
पुलवामा में आतंकी हमले के बाद देश की खुफिया एजेंसियां तो अलर्ट हैं ही, रेलवे ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। मुंबई की लोकल ट्रेनें हमेशा से आतंकियों का सॉफ्ट टारगेट रही हैं। पूर्व में वे लोकल में कई धमाके कर चुके हैं। इसे देखते हुए रेलवे ने अपने सुरक्षा बलों को सतर्क रहने को कहा है।
रेलवे इंटेलिजेंस सूत्रों का कहना है कि पुलवामा में हुए आतंकी घटना के बाद कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस के टॉयलेट और मुंबई के काशीमीरा इलाके में हुए धमाके के बाद रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पनवेल के पास भी एक बस में साढ़े तीन किलो का बम मिला था। फिलहाल काशीमीरा में हुए धमाके में कौन सा विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था, यह फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। इंटेलिजेंस सूत्रों का कहना है कि हाल ही में हुई कुछ घटनाओं को देखते गए उपनगरीय रेलवे स्टेशन, लोकल और मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में आरपीएफ सुरक्षा जवानों को तैनात कर दिया गया है। ऑनबोर्ड सुरक्षा जवानों को ट्रेन में मौजूद अन्य जवानों के साथ समन्वय स्थापित रखने के लिए वॉकी-टॉकी दिए गए हैं। रेलवे इंटेलिजेंस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मुंबई जैसे संवेदनशील शहर में मुंबई की लाइफलाइन को सबसे ज्यादा खतरा डस्टबिन (कचरे के डिब्बे) और टिफिन बॉक्स से है। आतंकी इनका इस्तेमाल काफी आसानी से कर सकते हैं। ऐसे में हम रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इतना ही नहीं, रेलवे की निगाहें अन्य राज्यों से आनेवाले रेल पार्सल पर भी बनी हुई हैं। इसकी भी जांच की जा रही है। साथ ही आंगडिया पर भी रेलवे की विशेष नजर है।

राजीव सिंगल
(पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य)
आरपीएफ-जीआरपी हर जगह नही पहुंच सकती है। रेल यात्री सतर्क रहें और रेलवे पुलिस की आंख, नाक, कान बनें और सुरक्षा के लिए सहयोग करें। समाज के प्रति हमारा भी दायित्व है कि हम भी सतर्क रहें और हमारे बीच होनेवाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखें यदि कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखता है तो इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दें।

सुभाष गुप्ता
(अध्यक्ष, रेल यात्री परिषद)
जब तक यात्री का सहयोग न मिले तब तक सुरक्षा जवानों को सफलता नहीं मिल सकती। रेलवे पुलिस को यात्रियों के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए और ‘रेल पुलिस मित्र’ नामक एक ग्रुप तैयार करना चाहिए ताकि कोई भी अप्रिय घटना या संदिग्ध वस्तु दिखे तो इसकी सूचना तत्काल रेल पुलिस मित्र को दे सकें। रेलवे पुलिस हमेशा १८२ हेल्पलाइन की बात करती है लेकिन हेल्पलाइन की स्थिति क्या है, ये सबको पता है।

– पुलवामा के बाद देशभर में हाई अलर्ट
– मुंबई की लाइफलाइन लोकल काफी संवेदनशील
– पूर्व में आतंकी लोकल को बना चुके हैैं निशाना
– स्टेशन परिसर के डस्टबिन में आतंकी रख सकते हैं बम
– रेलवे इंटेलिजेंस व अन्य सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी
– काशीमीरा में हल्की तीव्रता का विस्फोट और पनवेल में बम मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

– लोकल और मेल-एक्सप्रेस की सुरक्षा बढ़ी
– सीसीटीवी की लाइव मॉनिटरिंग
– खाने के डिब्बों पर नजर
– जवानों को दिए गए वॉकी-टॉकी
– अन्य राज्यों से आनेवाले रेल पार्सल जांच के घेरे में
– आंगडियों पर भी विशेष नजर
– रेलवे की यात्रियों से सहयोग की अपील
– किसी भी संदेहास्पद वस्तु की तुरंत सूचना दें

सॉफ्ट टारगेट
– डस्टबिन, खाने का डिब्बा, बैग, लगेज, पार्सल
-स्टेशन, लोकल, मेल एक्सप्रेस ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ी