डांस बार की कंडीशन, पहले लाओ पड़ोसी की परमिशन

डांस बार को लेकर सरकार और बार मालिकों के बीच छिड़ी वॉर (जंग) खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। २००५ से ही दोनों के बीच चल रही इस लड़ाई में काफी हद तक जीत बार मालिकों की ही रही है लेकिन सरकार भी कोई नई तिकड़म लगाकर डांस बार को बंद कर देती है। वर्ष २०१६ में डांस बार को लेकर बनाए गए कई सख्त नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। ऐसे में डांस बार मालिकों और बार बालाओं में फिर से उम्मीद की किरण जगी है लेकिन सरकारी महकमे में भूचाल आया हुआ है। अब सरकार लाइसेंस देने के लिए फिर से सख्त कानून बनाने के विचार में है। गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो अब बार लाइसेंस देने के लिए मालिकों के बीच पहले पड़ोसियों से परमिशन लाने की कंडीशन (शर्त) रखी जाएगी। पड़ोसी से एनओसी मिलने के बाद ही लाइसेंस दिया जाएगा।
फिर बन सकता है सख्त कानून
डांस बार के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हार के बाद भाजपा की किरकिरी हो रही है। तिलमिलाई सरकार अब लीगल एक्सपर्ट्स के साथ इस कोशिश में जुटी है कि किस तरह डांस बारों पर अंकुश लगाया जाए या फिर लाइसेंस के लिए ऐसे सख्त कानून बनाए जाएं जिनका पालन करना लगभग नामुमकिन हो जैसे फायर सेफ्टी नॉर्म, पड़ोसी से एनओसी, बार के बाहर सीसीटीवी कैमरा आदि नियमों को लागू करने पर मंथन।
बार मालिकों का रूख
सरकार के अड़ियल रवैये से बार मालिकों में काफी नाराजगी है। ‘आहार’ के मुंबई डांस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत ठाकुर ने कहा, ‘कोर्ट द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करने के लिए हमने हामी भरी है। ऐसे में सरकार एक बार फिर सख्त कानून लाने की योजना बना रही है। पड़ोसी से एनओसी लाना मतलब करप्शन को बढ़ावा देना। यदि वे नहीं माने तो फिर लाइसेंस नहीं। ऐसे कानून बनाए गए तो हमारे पास फिर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’