डिजिटल प्लेटफॉर्म बना रहा `कागजी शेर’

एक समय था जब बच्चे व युवा शारीरिक खेलों में ज्यादा व्यस्त रहते है। कुश्ती व बॉक्सिंग जैसे खेलों में शामिल खिलाड़ी को शेर कहा जाता था। पर अब डिजिटल पलेटफॉर्म ‘कागजी शेर’ पैदा कर रहा है। ऐसे में हकीकत की बहादुरी अब स्मार्टफोन में सिमटती जा रही है।
आए दिन पब्जी से जुड़े अनेक गंभीर मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में पब्जी खेल रहे युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाकर बढ़ावा देना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा ही है। हकीकत की बहादुरी अब युवा केवल पब्जी गेम में अपने दुश्मनों को मारकर ही दिखा रहे हैं। ये डिजिटल खेल केवल कागजी शेर ही पैदा कर रहे हैं।
एक तरफ जहां पब्जी पर बंदी लगाने की मांग की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ इस गेम को खेलनेवालों और उस खेल को देखनेवालों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। अनेक कंपनियों द्वारा युवाओं के इसी पागलपन का फायदा उठाया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर जिस तरह क्रिकेट और कबड्डी का सीधा प्रसारण टेलीविजन पर देखने को मिलता है, उसी प्रकार अब पब्जी खेल का राष्ट्रीय टूर्नामेंट भी किया जाने लगा है। हाल ही में एक पब्जी टूर्नामेंट का सीधा प्रसारण यूट्यूब के ‘पब्जी इंडिया सीरीज चैनल’ पर किया गया। पब्जी इंडिया सिरीज २०१९ का ग्रैंड फाइनल रविवार को हैदराबाद के जीएमसी स्टेटडियम में किया गया था। फाइनल में २० टीमों को पछाड़ते हुए नाइट मेयर्स की टीम ने जीत हासिल की। नाइट मेयर्स की टीम को ओप्पो मोबाइल कंपनी द्वारा १५ लाख रुपए सहित दुबई जाने का पूरा खर्च दिया गया।
२० हजार टीमों में एक विजेता
पब्जी इंडिया सीरीज २०१९ में कुल २० हजार टीमों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से ग्रैंड फाइनल तक कुल २० टीमें पहुंची थी। उन २० टीमों में विजेता के रूप में नाइट मेयर्स की टीम में पहला स्थान प्राप्त किया।
विनर विनर चिकन डिनर
पबजी इंडिया सीरीज २०१९ के विजेता रहे नाईट मेयर्स की टीम में नमन माथुर, मोहम्मद ओवैस लखानी, यश सोनी और रौनक के नाम शामिल हैं। इस प्रकार के नाइट मेयर्स की टीम ने ग्रैंड फाइनल में चिकन डिनर हासिल कर लिया है।
पब्जी इंडिया की झलकियां
-पहला इनाम १५ लाख रुपए और दुबई टूर
-दूसरा इनाम १० लाख रुपए
-तीसरा इनाम ५ लाख रुपए
-एक दुश्मन मारने का १ हजार रुपए
-सबसे अधिक हेडशॉट मारनेवाले खिलाड़ी को ५० हजार रुपए
-अपनी टीम के खिलाड़ियों को सबसे अधिक बार बचानेवाले को ५० हजार रुपए