डिस्पेंसरीवालाें को देना होगा गोली का हिसाब

ठाणे में डिस्पेंसरी चलानेवाले डॉक्टरों को अब गोली-गोली का हिसाब देना होगा। ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जहां होलसेलर द्वारा बड़े पैमाने पर अयोग्य व झोलाछाप डॉक्टरों को दवाइयां बेची जाती हैं। होलसेलर पर नजर रखने के लिए ठाणे अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने हाल ही में एक होलसेलर के यहां निरीक्षण किया और दस्तावेज की पड़ताल करने के बाद पाया कि बड़ी मात्रा में कई डिस्पेंसरी को दवाइयां बेची गई हैं। इनमें से कई डॉक्टर होमियोपैथी के है, जो अंग्रजी दवा का स्टॉक कर रखे हैं। एफडीए ने अब तक २५ डॉक्टरों को नोटिस भेजकर उनसे सभी डॉक्यूमेंट मांगे हैं।
बता दें कि अब भी कई झोलाछाप डॉक्टर लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा होलसेलरों से दवाइयां खरीदी जाती हैं ताकि वे उनके क्लिनिक में आनेवाले लोगों को बेच सकें। इन नकली डॉक्टरों और उन्हें दवा देनेवालों पर नकेल कसने के लिए ठाणे एफडीए निरंतर होलसेलर व खुदरा व्यापारियों की जांच करती है। एक अप्रैल को एफडीए ने दीप फार्म नामक होलसेलर के यहां जांच की और पाया कि उसने बड़े पैमाने पर डिस्पेंसरीवालों को दवाइयां बेची हैं। क्या सही में दवाइयां डिस्पेंसरी को बेचीं? इसकी छानबीन अब एफडीए के अधिकारी कर रहे हैं। औषध निरीक्षक श नांदेकर ने बताया कि होलसेलर के रिकॉर्ड अनुसार हमने २५ डॉक्टर जिनमें होमियोपैथ, आयुर्वेद आदि से दवाइयों के बिल, दवाइयों की क्वांटिटी, डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर और क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन नंबर के दस्तावेज ७ दिन के भीतर जमा करने का आदेश दिया है। यदि कोई भी ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।