डीजे की आवाज बना सकती है बहरा, जश्न मनाओ सावधानी से

मुंबई में जगह-जगह नए साल को मनाने के लिए पार्टी का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में इन पार्टियों में बजनेवाले डीजे आपको बहरा बना सकते हैं। ऐसी संभावना विशेषज्ञों ने जताई है। विशेषज्ञों की मानें तो ९० डेसीबल से ज्यादा आवाज के क्षेत्र में २० मिनट से ज्यादा बिताया गया समय हमारे कानों के लिए बेहद खतरनाक है और काफी लोगों को यह बहरा बना देता है। ऐसे में विशेषज्ञों ने नववर्ष का जश्न सावधानी से मनाने की सलाह दी है। मुंबई में होनेवाली शोरगुल पार्टियां कानों के लिए किसी खतरे से कम नहीं हैं। कूपर अस्पताल के डॉ. विनोद गीते ने बताया कि पार्टी में बजनेवाले स्पीकर और शोरगुल के संपर्क में ज्यादा समय बिताने से न सिर्फ हमारे सुनने की शक्ति कम होती है बल्कि यह हमें बहरा भी बना सकता है। डॉ. गीते का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में रहनेवाले लोगों की सुनने की क्षमता जल्दी खत्म होने लगती है। शहरी क्षेत्रों में रहनेवाले लोगों के कान निश्चित आयु से लगभग ३ से ५ वर्ष पहले ही काम करना बंद कर देते हैं जिसका मुख्य कारण निरंतर रूप से शोर भरे वातावरण में रहना है। इसके अलावा युवाओं में भी इसका असर देखने को मिला है। युवाओं द्वारा तेज आवाज में ईयरफोन लगाकर गाने सुनने की आदत भी इनकी सुनने की शक्ति को २५ से ३० फीसदी कम कर देती है। ऐसे में पार्टी में अधिक आवाजवाले स्पीकर्स कानों के लिए खतरा बन सकते हैं। ऐसे में यदि आप नव वर्ष की किसी पार्टी में जा रहे हैं तो डीजे की आवाज से दूर ही रहें।