डी का जिन्न जिंदा!, – उल्टा सरकार के गले में फंदा

कुख्यात अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम का जिन्न रह रहकर जिंदा हो जाता है। ९३ मुंबई बम ब्लास्ट का यह मुख्य आरोपी करीब ३ दशक से फरार है और पाकिस्तान के कराची स्थित एक आलीशान बंगले में वहां की फौज और खुफिया एजेंसी आईएसआई की निगरानी में रह रहा है। डी को पाकिस्तान से लाने की कई बार कूटनीतिक प्रयास किए गए, उसके नाम-पते भी पाकिस्तान को दिए गए पर पाकिस्तान हर बार यही कहता रहा कि दाऊद इब्राहिम नाम का कोई आदमी उसके देश में उस पते पर नहीं रहता।
२०१४ में बनी केंद्र की भाजपा सरकार ने भी वादा किया था कि कुछ भी हो जाए पर सरकार बनने के बाद वह दाऊद को पकड़कर हिंदुस्थान जरूर ले आएगी। सरकार के मंत्रियों ने भी विभिन्न मंचों से यह बात कई बार दोहराई। मगर सारा मामला फुस्स निकला। मोदी सरकार का कार्यकाल पूरा होने में चंद महीने बचे हैं और डी का कोई अता-पता नहीं है। उसने स्ट्राइक बैक शुरू करते हुए सरकार के गले में ही फंदा डालने की तैयारी कर डाली है। इसका सबूत है हाल ही में स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार वे तीन बदमाश जिन्होंने कबूल किया है कि वे संघ के ३ नेताओं को मारनेवाले थे।
एक समय मुंबई के अंडरवर्ल्ड में डी कंपनी की तूती बोलती थी। मुंबई में जब उस पर पुलिस का दबाव बढ़ा तो वह दुबई भाग गया और वहां से ऑपरेट करने लगा। बाद में जब दुबई भी सेफ नहीं रहा तो वह पाकिस्तान भाग गया। वहीं से वह मुंबई में अंडरवर्ल्ड की गतिविधियां चलाता रहा। सरकार व खुफिया एजेंसियों ने उसे वापस लाने की कई कोशिशें की पर सफलता नहीं मिली। अब उसके टारगेट पर संघ के नेता हैं। हाल ही में स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार ३ बदमाशों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्हें केरल और कर्नाटक में संघ के दो नेताओं की हत्या करने का जिम्मा सौंपा गया था। हत्या की सुपारी २ करोड़ रुपए में दी गई थी। सुपारी देनेवाले ने गिरफ्तार आरोपियों में से एक अफगानी वली मोहम्मद सैफी से बात की थी।
९३ के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के बाद डी के देश में सक्रिय होने के संकेत मिलने से खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं।
संघ के नेताओं की हत्या की साजिश रचने में पाकिस्तानी गुलाम रसूल पट्टी और आईएसआई के लिए काम करनेवाले अब्दुल लतीफ के नाम आ रहे हैं। दोनों का लिंक दाऊद से है। अब्दुल लतीफ, दाऊद के लिए काम करता है। ऐसे में स्पेशल सेल को शक है कि कहीं देश में फिर से डी कंपनी सक्रिय तो नहीं हो रही है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से ये पांव पैâलाने की कोशिश कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का यह भी कहना है कि वर्तमान में दाऊद के बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता कि वह कहां रह रहा है और न ही किसी के पास उसकी हाल के दिनों की तस्वीर ही है। फोन इंटरसेप्ट करने पर कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिससे इस मामले में दाऊद की भूमिका हो सकती है। इसमें यह भी जांच की जा रही है कि दिल्ली को उससे कितना बड़ा खतरा है।

ऑपरेशन डी फेल
– पाकिस्तान में छिपे दाऊद को हिंदुस्थान लाने में सरकार हुई फेल
– संघ के नेताओं की हत्या के लिए २ करोड़ रुपए की दी गई सुपारी।
– कराची में बैठकर दाऊद संघ के नेताओं की हत्या की साजिश रच रहा है। हाल ही में गिरफ्तार ३ बदमाशों ने किया खुलासा।

क्लिफ्टन में ठिकाना
– मुंबई बम ब्लास्ट का भगोड़ा अपराधी दाऊद इन दिनों कराची के क्लिफ्टन एरिया के एक भव्य बंगले में रहता है।
– क्लिफ्टन कराची का सबसे पॉश एरिया है।
– डी के बंगले का नाम ‘व्हाइट हाउस’ है।
– पाकिस्तानी फौज और आईएसआई करती है उसकी सुरक्षा।

पहले भी हो चुका है गिरफ्तार
गिरफ्तार तीनों आरोपियों वली मोहम्मद सैफी, शेख रियाजुद्दीन उर्फ राजा और तस्लीम में से राजा एक मामले में गिरफ्तार होकर तिहाड़ जेल जा चुका है। वह अफगानिस्तान के रहनेवाले अब्दुल्ला नाम के एक विदेशी वैâदी के संपर्क में आया था। अब्दुल्ला के जरिए वह वली मोहम्मद से मिला था।