डी से जुड़ा था सेंचुरियन डकैत, १५ साल से दे रहा था पुलिस को चकमा

हीरों की डकैती के एक मामले में एक वांछित डवैâत १५ साल तक पुलिस को चकमा देता रहा। १०० से ज्याादा लूट और डकैती वारदातों में शामिल रहा यह डकैत मोस्ट वांटेड आतंकी एवं अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की ‘डी’ कंपनी के लिए भी काम कर चुका है। मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट- १२ ने जब संतोष नायर नामक उक्त डकैत  को गिरफ्तार किया तो पता चला कि वह अपनी पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन तक इस्तेमाल नहीं करता था साथ ही ज्यादा लोगों से मिलता-जुलता भी नहीं था। जरूरत पड़ने पर वह अपनी पत्नी का मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था।
बता दें कि ८ मार्च, २००४ को दहिसर स्थित डायमंड के एक कारखाने में कुछ लोगों ने डवैâती डालने का प्रयास किया था। उस समय मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट-१२ ने ४ डकैतों को गिरफ्तार किया था। टीम ने आरोपियों के पास से एक चीनी मॉडल की पिस्तौल, ४ जिंदा कारतूस, २ चॉपर और एक स्टीम कार भी जप्त की थी लेकिन गिरोह का सरगना अपने कुछ साथियों के साथ भागने में सफल हुआ था। गिरोह का सरगना संतोष गोपाल नायर पुलिस को लगातार चकमा देता रहा। यूनिट- १२ के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील जाधव के मार्गदर्शन में पीएसआई हरीष पोल एवं लाड की टीम संतोष नायर के खिलाफ जानकारी जुटाने के प्रयास में लगी रही। टीम की मेहनत रंग लाई और उन्हें संतोष नायर का पुणे का पता मिल गया। संतोष वहां नाम बदलकर रहता था। यूनिट- १२ की टीम ने पुणे की विश्रांतवाडी पुलिस की मदद से संतोष नायर के बारे में जानकारी जुटाई। वह पुणे के टिंगरेनगर में छिपकर रह रहा था तथा दिखावे के लिए विमाननगर इलाके में एक मेस भी चलाता था।