डेढ़ दिन के गणपित डेढ़ गुना महंगे

आज से गणेशोत्सव की धूम शुरू हो गई है। डेढ़ दिन से लेकर १० दिन तक बाप्पा की मूर्ति भक्तगणों के घरों से लेकर मंडपों में विराजमान होती हैं। घरों की बात करें तो सबसे अधिक डेढ़ दिन की मूर्तियां स्थापित की जाती हैं लेकिन इस वर्ष यह डेढ़ दिन की गणपति की मूर्तियां भक्तगणों के लिए डेढ़ गुना महंगी साबित हुई हैं। देशभर में लगातार बढ़ रहे र्इंधन की दरों की मार सभी चीजों पर पड़ रही है। घर में मूर्ति स्थापित करने से लेकर, उसकी सजावट के सामान, आरती सामग्री, मोदक, फूल, फल, वाहन का किराया, बैंजो के दाम में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष औसतन डेढ़ गुना वृद्धि हुई है।
डेढ़ गुना ब़ढ़ी महंगाई के बाद भी आज कई घरों में डेढ़ दिन के लिए गणेशजी का आगमन हो रहा है। मुंबईकरों पर महंगाई की मार होने के बावजूद लोग भक्ति में लगे हुए हैं।
 मुंबई शहर सहित पूरे उपनगर में लाखों की संख्या में लोग डेढ़ दिन की गणपति की मूर्तियां अपने घरों में स्थापित करते हैं। इस वर्ष त्यौहार के उत्साह को फीका करने में महंगाई विघ्न बनी है। गणेश मूर्तियों के दामों में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष ५०० से १००० रुपए तक की वृद्धि हुई है। बाप्पा के प्रिय मिष्ठान मोदक के दामों में इस वर्ष डेढ़ गुना वृद्धि हुई है। २२ रुपए में मिलनेवाला मोदक २५ रुपए हो गया है। बाप्पा की पूजा सामग्री की बात करें तो प्रति दिन का खर्चा ५०० रुपए से बढ़कर ७०० रुपए तक पहुंच गया है। फलों की बात करें तो सेब, पेर, अनार के दाम ७० से ८० रुपए प्रति किलो से बढ़कर १०० से १५० रुपए प्रति किलो पहुंच गया है। केले के दाम में भी प्रति दर्जन के पीछे १० से २० रुपए का इजाफा हुआ है। फूलों की बात करें तो गेंदा १६० तो मोगरा ५५० रुपए किलो तक पहुंच गया है, गुलाब १५० रुपए गुच्छा व केले के खंभे ६० से ८० रुपए तक में बिक रहे हैं। बाप्पा की विदाई के लिए यदि बैंजो की सोच रहे है तो ६ हजार से २५ हजार रुपए में मिलनेवाली यह सुविधा इस वर्ष १० हजार से लेकर ३० हजार रुपए का खर्च बैठ रहा है। गणपति मूर्ति विसर्जन के लिए भक्त टेंपो आदि वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। तेल की बढ़ती कीमतों के कारण टेंपो से लेकर ट्रक तक के भाड़े में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। छोटे वाहन के दामों में इस वर्ष ३०० से ५०० रुपए का इजाफा होने की बात टेंपो चालकों ने कही। इस प्रकार भक्तगण बाप्पा की मूर्तियों को बड़ी श्रद्धा से अपने घरों में स्थापित तो कर रहे हैं परंतु साथ ही बढ़ी हुई महंगाई उन्हें साल भी रही है।
श्रद्धा बुलाए गांव, भक्त महंगाई से परेशान
मुंबई में रहनेवाले लाखों कोकणवासी गणेशोत्सव अपने गांव में मनाते हैं। इस दौरान भक्तों में अपने-अपने गांव जाने की होड़ मची रहती है। जिसे जैसा साधन उपलब्ध होता है, वो उसी से गांव जाना चाहता है। इनमें से बहुत से ऐसे भी परिवार हैं, जो अपनी निजी गाड़ियों से कोकण स्थित अपने गांव गणेशोत्सव में शामिल होने के लिए जाते हैं परंतु तेल की रोज बढ़ती कीमतों ने इन भक्तों की जेब पर डाका डालने का काम किया है। बस से जानेवाले गणेशभक्तों को भी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष टिकट के ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।