डेमोक्रेसी में ‘डी’ वायरस, प्रजातंत्र के लिए खूनी खतरा तैयार

मुुंबई में ७० के दशक में माफिया डॉन हाजी मस्तान का राज था। बाद में इस मस्तान ने राजनीति में कदम रखने के लिए दलित-मुस्लिम अल्पसंख्यक सुरक्षा महासंघ नामक पार्टी भी बनाई थी। इस पार्टी के बैनर तले मस्तान के गुर्गों ने मनपा और विधानसभा का चुनाव भी लड़ा लेकिन राजनीति में मस्तान की दाल नहीं गली। इन दिनों वैसा ही राजनीतिक वायरस अंडरवर्ल्ड सलगना माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम यानी डी के मगज में पनप रहा है। अब देश के डेमोक्रेसी में यही डी वायरस घुसने की तैयारी में लगा है। दाऊद चाहता है कि उसके लोग चुनाव लड़कर विधानसभा में बैठें और उसके हित का काम करें।
माफिया सरगना अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम एक पार्टी बनाकर अपने गुर्गों को चुनाव लड़वाना चाहता है ताकि वे नगरसेवक व विधायक बन जाएं। उसकी यह चाह प्रजातंत्र के लिए खूनी खतरे के रूप में तैयार हो रही है। अपनी इस योजना को एक्टिवेट करने के लिए पर वह यहां के अपने गुर्गों के माध्यम से लगातार जुटा हुआ है। ‘डी’ के इस मंसूबे को पूरा करने के लिए उसके गुर्गे अभी से जुट गए हैं। दक्षिण मुंबई के पाक मोडिया स्ट्रीट पर हो रही चर्चाओं पर अगर भरोसा करें तो अपने गुर्गों को विधानसभा चुनाव लड़ाने के लिए डी मुस्लिम रहनुमाई के नाम पर उभरी नई पार्टी का सहारा लेनेवाला है। यानी एक तरह से वह मुस्लिम कार्ड खेलकर राजीति में आने का मंसूबा पाले हुए है।
बता दें कि दाऊद की गैंग कमजोर होती जा रही है। इन दिनों इसकी सारी गतिविधियां सुस्त पड़ी हुई हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए भी दाऊद गले की हड्डी बन गया है। ऐसे में अब वह देश में लोकतंत्र के तहत होनेवाले चुनाव के माध्यम से अपने मंसूबे को सफल बनाना चाहता है। दाऊद के गढ़ के रूप में चर्चित डोंगरी की गलियों में हो रही चर्चाओं के मुताबिक अक्टूबर में होनेवाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में डी ने अपने गुर्गों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी की है। डी ने बकायदा इसके लिए एक फेहरिस्त भी तैयार की है। कहा जा रहा है कि इस फेहरिस्त में वर्षों पहले दुबई से डिपोर्ट हुए गुर्गों के नाम शामिल हैं। इनमें से कुछ गुर्गों ने अपने-अपने लिए मुस्लिम बाहुल्य इलाकेवाले विधानसभा क्षेत्रों का भी चयन कर लिया है। दक्षिण मुंबई में रहनेवाला एक गुर्गा जो छोटा शकील का रिश्तेदार भी बताया जाता है, वह मानखुर्द-शिवाजीनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। इस विधानसभा क्षेत्र में उसके बैनर्स भी झलक रहे हैं। सारा-सहारा मामले में दुबई से डिपोर्ट हुआ दाऊद और उसके भाई इकबाल कासकर का करीबी माना जानेवाला यह गुर्गा फिलहाल दक्षिण मुंबई में बननेवाली इमारतों को फायनेंस देने का काम कर रहा है। यह गुर्गा हमेशा कांग्रेसियों के कार्यक्रम में देखा जाता है। चर्चा यह है कि उक्त गुर्गा भायखला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। इसी तरह दाऊद के ९ गुर्गों के साथ वर्षों पहले मुंबई डिपोर्ट हुआ एक गुर्गा फिलहाल भिंडी बाजार, नल बाजार इलाकों में अवैध बिल्डिंग बनाने का कारोबार कर रहा है। इसके कारोबार में दाऊद का पैसा लगा होने की बात खुद उसके करीबी कह रहे हैं। यह गुर्गा भी बांद्रा जैसे मुस्लिम बाहुल्य इलाकों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा कुछ गुर्गे ऐसे भी हैं, जिन्हें मुंबई के बाहर भिवंडी, ठाणे सहित महाराष्ट्र के उन विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ाने की तैयारी कराई जा रही है। कहा यह भी जा रहा है कि इन्हें अभी से उन इलाकों में सक्रिय होने का फरमान भी डी ने दिया है।