" /> डॉक्टर की काली करतूत : कोरोना मरीज के साथ किया अश्लील हरकत

डॉक्टर की काली करतूत : कोरोना मरीज के साथ किया अश्लील हरकत

कोरोना के खिलाफ जारी जंग में कोरोना योद्धाओं यानी डॉक्टरों, स्वास्थ्य सेवा कर्मियों तथा पुलिसकर्मियों को उनकी सेवा एवं समर्पण के कारण आज पूरा देश सलाम कर रहा है। इसी बीच कोरोना संक्रमित मरीज का इलाज कर रहे एक डॉक्टर द्वारा शर्मनाक हरकत किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दक्षिण मुंबई स्थित एक प्रतिष्ठित अस्पताल में कार्यरत तथाकथित डॉक्टर पर आईसीयू वार्ड में भर्ती एक कोरोना पॉजिटिव मरीज के साथ आपत्तीजनक हरकत करने का आरोप लगा है।

यह घटना 1 मई की बताई जा रही है। 30 अप्रैल को अस्पताल में 44 वर्षीय एक कोरोना मरीज को भर्ती किया गया। मामला गंभीर होने की वजह से उसे आईसीयू में रखा गया। 1 मई को 35 वर्षीय डॉक्टर अस्पताल की 10वीं मंजिल पर आईसीयू में भर्ती उक्त मरीज के कमरे में उसका चेक अप करने के लिए गया था। चेकअप के दौरान वह मरीज से अश्लील हरकतें करने लगा। वह मरीज के पूरे शरीर को चूमने लगा। इसके बाद वह मरीज के प्राइवेट पार्ट के साथ अश्लील हरकतें की। यह सब होते देख मरीज जोर-जोर से चिल्लाकर विरोध कर रहा था लेकिन आईसीयू वार्ड में तब और कोई नहीं था। डॉक्टर अश्लील हरकतें करने के बाद वहां से चला गया। बाद में मरीज द्वारा अलार्म बजाने पर बाहर तैनात कर्मचारी कमरे के अंदर गए और उनके जरिए पीड़ित ने अस्पताल के अधिकारियों को पूरे मामले के बारे में बताया। अस्पातल प्रशासन ने डॉक्टर के खिलाफ अग्रिपाड़ा पुलिस में मामला दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि आरोपी डॉक्टर का अस्पताल में ड्यूटी का पहला दिन था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी एक एमडी है और उसने नई मुंबई के मेडिकल कॉलेज में अपनी मेडिकल शिक्षा पूरी की। 30 अप्रैल को उसकी अस्पताल में नौकरी लगी थी और इसी दिन मरीज को भर्ती किया गया था। कथित तौर पर घटना 1 मई (शुक्रवार) को सुबह साढ़े 9 बजे हुई। पुलिस ने अस्पताल के एचआर की ओर से की गई शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 377 (अप्राकृतिक अपराध), 269 (जीवन को खतरे में डालने वाली बीमारियों के संक्रमण फैलने की संभावना) और 270 के तहत मामला दर्ज किया है।  डॉक्टर को भी करोना के लक्षण दिखने लगे है, इसलिए उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है और उसे क्वारंटीन में रखा गया है। घटना की जांच जारी है। अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आरोपी को बर्खास्त कर दिया है। गौरतलब हो इस अस्पताल के कई डॉक्टर एवं मेडिकल स्टाफ पहले ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, जिसकी वजह से अस्पताल को प्रशासन ने सील कर दिया था लेकिन कुछ दिन पहले ही इस अस्पताल को फिर से शुरू किया गया।