" /> डॉन बनने के लिए 3 नाबालिगों ने किया मर्डर! लॉकडाउन के दौरान संप्रेक्षण गृह से छूटे थे

डॉन बनने के लिए 3 नाबालिगों ने किया मर्डर! लॉकडाउन के दौरान संप्रेक्षण गृह से छूटे थे

*विभिन्न अपराधों में हैदराबाद के संप्रेक्षण गृह में बंद थे नाबालिग
*हैदराबाद से सोलापुर तक की हत्या और लूटपात की वारदातें

लॉकडाउन के दौरान ही हैदराबाद संप्रेक्षण गृह से छूटे तीन नाबालिगों ने 500 रुपए के लिए एक शख्स की हत्या कर दी। तीनों नाबालिगों ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वे अंडरवर्ल्ड डॉन बनना चाहते थे। देहू रोड पुलिस ने 8 जून को एक अज्ञात का शव बरामद किया था। इस शव को लेकर पुलिस को कोई सुराग नहीं लग रहा था। हालांकि तीन दिन बाद उन्होंने भिवंडी से तीनों नाबालिगों को पकड़ा और इस केस का खुलासा हुआ।
पुलिस को यह अज्ञात शव पिंपरी-चिंचवाड इलाके में मिला था। पुलिस मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही थी, उसी दौरान सोशल मीडिया में उसकी तस्वीरें और हत्या का संदेश वायरल हो गया। यहीं से पुलिस ने केस की जांच शुरू की। मृतक की बेटी ने पुलिस को बताया कि उसने पिता के मोबाइल पर फोन किया था, जिसे किसी लड़के ने उठाया था। फोन उठानेवाले ने उसे पिता की हत्या हो जाने की सूचना दी। उसकी बेटी ने सोलापुर थाने में केस दर्ज कराया और उसके बाद सोशल मीडिया में तस्वीरें और संदेश पोस्ट किया। मृतक की बेटी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सोलापुर गए थे। वहां लॉकडाउन होने के कारण वह फंस गए। लंबे समय तक वहां फंसे रहने के दौरान उन्होंने सोलापुर से मुंबई तक पैदल घर आने के लिए निकल पड़े। 8 जून की सुबह 9 बजे उसने पिता के मोबाइल पर फोन किया।
हत्या के बाद बेटी को कहा पिता को मार डाला

फोन उठाने वाले नाबालिगों ने उससे जो कहा उसे यकीन ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस नंबर पर फोन मत करना। हम लोगों ने तुम्हारे पिता को मार डाला है और यह फोन चुरा लिया है। अब हम यह फोन बंद करने जा रहे हैं। उसने बताया कि उस दिन 8 जून था और सुबह का 9 बजा था। उसे पहले यकीन नहीं हुआ और फोन काट दिया। उसके बाद लगातार बारी-बारी से नाबालिगों ने उसे फोन किया और बार-बार धमकी देते रहे।

इस तरह पकड़े गए तीनों नाबालिग

क्राइम ब्रांच ने मृतक की बेटी से नंबर लेकर उसे सर्विलांस पर लगाया और नाबालिगों को पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद उन्होंने पुलिस को बताया कि किस तरह हैदराबाद से मुंबई तक उन्होंने कई अपराध किए। क्राइम ब्रांच के सहायक पुलिस निरीक्षक राम गोमारे ने बताया कि तीनों अलग-अलग अपराधों में संप्रेक्षण गृह में बंद थे। यहां उनकी दोस्ती हुई। हैदराबाद से निकलने के पहले उन्होंने वहां भी एक शख्स की हत्या करके उसके साथ लूट की। उसके बाद सोलापुर में एक व्यक्ति का मोबाइल चुराया। यहां पर एक होटल में काम करने लगे। होटल में भी उन्होंने एक ग्राहक को मोबाइल चुराने के प्रयास किया, जिसके बाद उनके सहकर्मियों और मालिक ने रंगे हाथों पकड़ लिया। होटल के मालिक ने उन्हें काम से बाहर निकाल दिया।