ड्रोन टैक्सी को `पीपीपी’ की उड़ान!, एमएडीसी भेजेगी डीजीसीए को प्रस्ताव

मुंबई जैसे भीड़-भाड़वाले शहर में छोटी दूरी तय करने के लिए लंबा समय लग जाता है। दिन-ब-दिन वाहनों की बढ़ती संख्या और सड़कों पर होनेवाले ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने के लिए सरकार तरह-तरह के विकल्प तलाश रही है। फिलहाल सरकार ट्रैफिक से बचने के लिए हवाई सफर का विकल्प तलाशने में लगी है। मुंबई जैसे शहर में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत ड्रोन टैक्सी योजना को साकार किया जा सकता है क्या? ऐसा एक प्रस्ताव महाराष्ट्र हवाई अड्डा विकास निगम ने तैयार किया है। इस प्रस्ताव को एमएडीसी डीजीसीए को भेजेगी। योजना के अनुसार यदि इस प्रस्ताव को डीजीसीए मान लेती है तो सरकार जल्द ही ड्रोन टैक्सी परियोजना को अमल में लाने के काम पर बल देगी।
बता दें कि देश को हवाई हब करने का लक्ष्य नागरी विमानन मंत्रालय ने सुनिश्चित किया है। इसमें महाराष्ट्र एक प्रमुख हिस्सा है। ऐसे में इस परियोजना को साकार करने के लिए एमएडीसी ने एक मसौदा तैयार किया है। इसमें कम दूरी की हवाई यातायात के लिए ड्रोन टैक्सी की संकल्पना है। एमएडीसी की इस संकल्पना के लिए निजी कंपनियां उत्सुक हैं। इसलिए इस परियोजना के पीपीपी मॉडल पर अमल में लाने के संदर्भ में सकारात्मक विचार शुरू हो गया है। जल्द ही इस परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
निजी कंपनियां एमएडीसी के सहयोग से महाराष्ट्र में इस सेवा को शुरू करने के लिए तैयार हैं। उन्हें यह योजना पसंद आई है इस पर विस्तृत जानकारी हासिल की जा रही है। एमएडीसी के अधिकारियों के अनुसार सप्ताहभर में इस परियोजना का प्रस्ताव डीजीसीए को भेजा जाएगा। यदि इस प्रस्ताव को पीपीपी मॉडल के तहत शुरू करने के लिए डीजीसीए से हरी झंडी मिल जाती है तो जल्द ही इस योजना को अमल में लाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।