ड्रोन देखेगा नाला!

मॉनसून को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष बारिश के दिनों में पश्चिम रेलवे की तर्ज पर वसई-विरार महानगरपालिका भी ड्रोन की मदद से इलाके के सभी नालों की देख-रेख और जाम हो चुके नालों की पहचान करेगी। जिसके लिए निरी आईआईटी संस्था व मुंबई आईआईटी को चुना गया। इस योजना में करीब १२ करोड़ रुपए के खर्च होने का अनुमान है। ड्रोन को हवा में उड़ाने के लिए इलाके के सभी थानों से पत्र लिखकर अनुमति की मांग की गई है।
ज्ञात हो कि इस वर्ष पश्चिम रेलवे ने बारिश में पानी इकट्ठा होनेवाले स्थानों की जांच करने के लिए ड्रोन की सहायता लेगी। इसी तर्ज पर वसई विरार महानगरपालिका ने भी आगामी मॉनसून को ध्यान में रखते हुए करीब १२ करोड़ रुपए की लागत से और निरी आईआईटी संस्था के सहयोग से ड्रोन में लगे अच्छी गुणवत्ता के वैâमरों से पूरे इलाके में पैâले नालों की देख-रेख और जाम हो चुके नालों की खोज करेगा। पालिका शहर अभियंता राजेंद्र लाड ने बताया कि पूरे इलाके में लगभग १६७ नाले हैं। इन नालों की सफाई अभियान योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए पालिका ने इलाके के सभी सातों पुलिस थानों को पत्र लिखकर ड्रोन को उड़ाने की मंजूरी मांगी है। हालांकि कुछ थानों से मंजूरी मिल चुकी है अभी कई थानों से मंजूरी मिलनी बाकी है।

नपेंगे लापरवाह सफाई कर्मचारी
बारिश के दिनों में और प्रतिदिन की साफ-सफाई में मनपा सफाईकर्मी नालों की सफाई करके उसका कचरा नाले के किनारे ही रख दिया करते हैं। बारिश के दिनों में यही कचरा पानी के बहाव से वापस नालों में चला जाता है और नाला जाम हो जाता है। अब ड्रोन की मदद से इस तरह की लापरवाही से अनदेखी नहीं की जा सकेगी और सफाईकर्मियों पर नकेल कसी जा सकेगी।