" /> ढकेलने की (‘संवैधानिक’) जगह

ढकेलने की (‘संवैधानिक’) जगह

राज्यपाल के पद को लेकर हमारे देश में कई बार चर्चा हुई है। राज्यपाल एक शोभा का पद है, राजभवन जनता के पैसों से पाला-पोसा जानेवाला सफेद हाथी है, राजभवन निष्क्रिय राजनेताओं का वृद्धाश्रम है, ये और इस तरह की कई बातें कही गईं लेकिन गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सनसनीखेज खुलासा किया कि राजभवन शराब ढकेलने की जगह है। राजभवन में क्या होता है इस बारे में राज्यपाल पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा खुलासा किए जाने की ये पहली घटना होगी। इसलिए सत्यपाल मलिक को कौन-सा सर्वोच्च पद देकर उनका सम्मान किया जाए, ये देश के गृहमंत्रालय को तय करना चाहिए। हम या आम जनता अब तक ये समझते थे कि राज्यपाल एक बिना काम का पद भले हो लेकिन एक संवैधानिक पद है। राज्यपाल राज्य सरकार का संवैधानिक प्रमुख होता है, राज्य और केंद्र के बीच विपरीत परिस्थितियों में महत्वपूर्ण कड़ी होता है। राजभवन किसी राजमहल से भी कहीं अधिक भव्य होता है। प्रकृति के सानिध्य में बने राजभवन में रहने की अपनी मौज है। इनका चुनाव ऐसे समय में होता है जब इनके पैर कब्र में लटकने लगते हैं। सवाल ये है कि यहां आनेवाला पेंशनर करता क्या है? इसका सही जवाब गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने दिया है। राज्यपाल महोदय कहते हैं, ‘राज्यपाल को कोई काम नहीं होता। कश्मीर में जो राज्यपाल होते हैं वे हमेशा बैठकर शराब ढकेलते रहते हैं और गोल्फ खेलते रहते हैं। दूसरी जगहों के राज्यपाल आराम से रहते हैं। ज्यादा मेहनत नहीं करते।’ श्रीमान राज्यपाल का ये बयान राजभवन की प्रतिष्ठा को कलंकित करनेवाला है। ये बयान इस बात को बल देनेवाला है कि राजभवन सिर्फ मयखाने हैं और आराम फरमाने की जगह है। गोवा के राज्यपाल कहते हैं, ‘कश्मीर के राज्यपाल शराब ढकेलते हैं।’ ये पूरे जम्मू-कश्मीर का अपमान है। खुद मलिक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे और उस समय वे क्या करते थे इसका खुलासा उन्होंने खुद कर दिया, ऐसा समझा जाए क्या? गोवा पर्यटन का बड़ा केंद्र है। वहां के राज्यपाल का निवासस्थान अर्थात ‘काबो राजभवन’ देश का प्रसिद्ध प्राकृतिक स्थान है। गोवा के राजभवन में जब विदेशी मेहमान आते हैं तब उन्हें हल्दी मिला हुआ दूध दिया जाता है क्या? राज्यपाल अंदर क्या करते हैं ये उनका मामला है लेकिन वे नियम को न तोड़ें। एन.डी. तिवारी के कार्यकाल में आंध्रप्रदेश के राजभवन की रंगीन कहानियां सामने आई ही थीं। इसलिए राजभवन की दीवारों के कान ही नहीं बल्कि आंखें भी होती हैं। ये बात सामने आई थी लेकिन अब सत्यपाल मलिक ने ये साफ कर दिया है कि राजभवन की दीवारों को ‘वाचाल’ मुंह भी होता है। देश के सभी राज्यपालों को मिलकर सत्यपाल मलिक को इन आरोपों का जवाब देना चाहिए। जब राज्यपालों को कोई काम ही नहीं होता तो ये सफेद हाथी क्यों पाले-पोसे जाएं? पहले के शासन में ‘जर्जर’ नेताओं को ठिकाने लगाने के लिए ये जगह थी और मोदी के काल में पुराने संघ प्रचारकों को गिन-गिनकर राजभवन भेजा जा रहा है। गाड़ी-घोड़े की सुविधा के लिए भी कुछ लोगों को राजभवन में भेजा जाता है। इनमें सेवानिवृत्त नौकरशाह और सेना अधिकारी होते हैं। हालांकि कुछ जगहों पर प्रशासकीय कार्यों की दृष्टि से देखा जाए तो ये नियुक्तियां योग्य हैं लेकिन राज्यपाल जब सीधे-सीधे ‘पॉलिटिकल एजेंट’ के रूप में सत्ताधारी दल का एजेंडा लागू करते हैं तब विवाद होता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल बनाम नायब राज्यपाल का संघर्ष सड़क तक आ गया था। नौबत यहां तक आ गई थी कि नायब राज्यपाल के दालान में अनशन करने की नौबत केजरीवाल पर आ गई थी। दिल्ली के आदेश से सरकार गिरानेवाले, बर्खास्त करनेवाले और नई सरकार बनानेवाले राजभवन शरारत करते रहते हैं। इसलिए ये आरोप कि राज्यपाल खाली बैठे रहते हैं, ठीक नहीं है। भाजपा के शासन में राज्यपालों ने अच्छा काम किया है और वे अपनी नियुक्ति को साबित करके दिखा रहे हैं। फडणवीस और अजीत पवार को झटपट शपथ दिलाकर राजभवन में आधी रात को सक्रिय हो गए और सुबह तक काम किया, रात के अंधेरे में राष्ट्रपति शासन हटाकर जनता को ‘८० घंटे की’ सरकार दी। ये सब देखा जाए तो राजभवन सिर्फ गोल्फ खेलने की या ‘ढकेलने’ की (‘संवैधानिक’) जगह है। ऐसा कीचड़ उछालना हमें स्वीकार नहीं। राजभवन से कई सकारात्मक कार्य भी होते हैं और अनुशासनप्रिय राज्यपाल अपने राजनीतिक अनुभव के आधार पर सरकार के कान भी पकड़ते हैं। राष्ट्रपति रबर स्टैंप या केवल शोभा का पद है, ये आरोप पुराना हो चुका है। राज्यपालों के बारे में भी यही कहा जाता है। लेकिन जो है, वो है। जिन्हें लोगों ने गाते-बजाते चुना और सत्ता पदों पर बैठाया वे लोग भी कुछ अलग क्या कर रहे हैं? शराब न ढकेलने के बावजूद देश और जनता को ‘चूर’ कर रहे हैं। गोवा के राज्यपाल ने जो कुछ कहा वो सच हो सकता है लेकिन हमारे देश में फिलहाल किसी के लिए कोई काम नहीं बचा है। बचा-खुचा काम ‘कोरोना’ ने कर दिया है!