तंदूरी नाइट्स!, बढ़ते पारे ने की रातों की नींद हराम

आज के भोजन में तंदूरी डिशेज काफी पॉपुलर हैं। हालांकि गर्मी के इस मौसम में तंदूर की गर्मी का नाम सुनते ही मन बेचैन हो उठता है। खासकर इस गर्मी के मौसम में तो आदमी तंदूर जैसी चीज से दूर ही रहना चाहता है। मगर इस सुलगते मौसम का कोई क्या करे जो तंदूर का अहसास करा रहा है। देश के कई प्रमुख शहर का हाल काफी बुरा है। राजस्थान का चूरू फिलहाल टॉप पर है पर कानपुर, इलाहाबाद, बनारस, पटना, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल जैसे क्षेत्र में सूरज आग बरसा रहा है। वहां दिन का जीवन काफी कठिन हो चुका है। मुंबई का हाल भी कोई कम बुरा नहीं है। फर्क यह है कि उन शहरों में दिन में लू चल रही है जबकि समुद्र किनारे बसा शहर मुंबई में उमस चरम पर है।
दिन में तंदूर बन चुके देश के शहरों के मुकाबले मुंबई का तापमान हालांकि कम है पर इस उमस ने लोगों का हाल बुरा कर रखा है। दूसरे शहरों का मौसम सूखा है जिससे पसीना ज्यादा नहीं आता या आता है तो सूख भी जाता है पर मुंबई में आर्द्रता की वजह से पसीना सूखता नहीं और मुंबईकरों की जान मुसीबत में फंसी रहती है। सबसे बुरा हाल तो रातों का हो रहा है। पंखे की गर्म हवा में नींद आए तो वैâसे आए? अब आम मुंबईकरों के घरों में तो एसी होता नहीं। ऐसे में रातों को बहते पसीने से गीले बिस्तर ‘तंदूरी नाइट्स’ की याद दिला रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल रातों का तापमान ३० डिग्री सेल्सियस है जो कि सामान्य से काफी ज्यादा है। ऐसे में आम मुंबईकरों का कहना है कि हमें बारिश की बेकरारी से प्रतीक्षा है पर लेट मॉनसून आने की खबरों ने ये परेशानी और बढ़ा दी है।
गर्मी अपने चरम पर है और मॉनसून की लुका-छिपी ने मुंबईकरों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। एक तरफ खबरें आ रही हैं कि मुंबई के तालाबों के पानी का स्टॉक तेजी से कम होता जा रहा है, दूसरी तरफ मॉनसून में हो रही देरी ने आम लोगों की बेचैनी और बढ़ा दी है। इसके साथ ही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मॉनसून कमजोर रहेगा और इस साल बारिश कम होगी। ऐसी खबरों ने मुंबईकरों को और भी ज्यादा बेचैन कर दिया है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी पर यदि गौर किया जाए तो अभी अगले एक सप्ताह तक दिन का तापमान ३४ डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान ३० डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहेगा। ऐसे में मुंबईकरों का बेचैन होना स्वाभाविक है। इस बारे में जोगेश्वरी में रहनेवाली मुस्कान खान का कहना है कि गर्मी इतनी बढ़ गई है कि जीना मुहाल हो गया है। दिन में किसी तरह ऑफिस के एयरकंडीशन में बीत जाता है लेकिन रात में उमस से नींद हराम हो गई है। गर्मी की वजह से घर तंदूर की तरह लगने लगता है। लगभग यही कहना है शुमा राऊत का जो ‘हैप्पी बीइंग’ संस्था से जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि लोगों के लिए रात का समय आरामवाला होता है लेकिन गर्मी ने ये आराम भी छीन लिया है। रात में सोना मुहाल हो गया है। घर किसी भट्ठी से कम नहीं लगता। रिक्शा चलानेवाले संदीप का कहना है कि गर्मी से लोग परेशान हैं। दिन हो या रात गर्मी बरकरार है। गर्मी से बचने के लिए हर एक घर में एयरकंडीशन नहीं होता। छोटे-छोटे मकानों में रहनेवाले लोगों के लिए ये गर्मी तकलीफदायक है। गर्मी के कारण मकान अब मकान नहीं होटल का तंदूर लगता है।

गर्मी ने किया आम लोगों का बुरा हाल
दिन के साथ ही मुंबई की रातें भी गर्म
भीषण गर्मी में पंखे हो गए हैं बेअसर