तनख्वाह, कमीशन और ब्याज का झांसा, हजारों को लगाया चूना

साइबर और आर्थिक धोखाधड़ी जैसे मामलों से पार पाना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। पुलिस के बार-बार आगाह किए जाने के बावजूद लोग कम समय में ज्यादा कमाने के लालच में ठगों का शिकार बन रहे हैं। साकीनाका पुलिस ने ठगों के ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। कम शिक्षित बेरोजगार लोग ज्यादा तनख्वाह के लालच में पहले इस गिरोह के कर्मचारी बने फिर तनख्वाह के साथ-साथ मोटा कमीशन पाने के लालच में कर्मचारी निवेशक ढूंढने लगे। इस तरह इस गिरोह ने ज्यादा ब्याज का झांसा देकर हजारों निवेशकों को लगभग १०० करोड़ रुपए का चूना लगा दिया।

पुलिस उपायुक्त नवीन चंद्र रेड्डी ने बताया कि अंधेरी-पूर्व स्थित सागर टेक्नो प्लाजा नामक व्यावसायिक इमारत में ३ ठगों ने विर्की टेक्नो प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट कंपनी शुरू की थी। मार्च २०१७ में शुरू हुई इस कंपनी के निदेशकों ने प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए १२ वीं, स्नातक बेरोजगारों को मोटी तनख्वाह का लालच देकर बड़ी-बड़ी पोस्ट पर नियुक्त किया। कंपनी अच्छा मुनाफा कमा रही है, कर्मचारियों को यह विश्वास दिलाने के लिए दो महीने बाद उनकी तनख्वाह दोगुनी कर दी, साथ ही उन्हें और ज्यादा कमाने के लिए निवेशक ढूंढने को प्रेरित किया गया। मोटे कमीशन के लालच में कर्मचारियों ने हजारों निवेशकों को निवेश के लिए मना लिया। १० फीसदी ब्याज प्रति माह कमीशन के लालच में निवेशकों ने लाखों रुपए निवेश भी कर दिए। सितंबर २०१७ में उक्त कंपनी अचानक बंद हो गई और सभी कर्मचारी भी लापता हो गए तो निवेशकों ने साकीनाका पुलिस ठाणे में शिकायत दर्ज कराई। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक किशोर सावंत के मार्गदर्शन में मामले की जांच कर रही पीआई प्रवीण माने और सुनील माने की टीम ने सुमित शर्मा और समाई खलील खान नामक दो निदेशकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को पता चला है कि कंपनी की एक शाखा मरोल और नई मुंबई में भी थी। नई मुंबई की शाखा निवेशकों ने पहले ही बंद कर दी थी लेकिन ज्यादा ब्याज के लालच में वहां के कुछ निवेशक साकीनाका में निवेश करने लगे थे। ठगों के खिलाफ बांगुर नगर पुलिस ठाणे में ठगी का एक मामला पहले से ही दर्ज है।