तय हो नाम तब होगा काम तमाम, पुजारी काटेगा आजीवन कारावास?

माफिया गिरोहबाज रवि पुजारी के प्रत्यर्पण को लेकर जहां अलग-अलग राज्यों की पुलिस की निगाह लगी हुई है, वहीं उसकी सजा को लेकर नाम ही निर्णायक भूमिका निभाएगा। सूत्रों के अनुसार रवि पुजारी अलग-अलग नाम से जाना जाता है, जिसमें एक नाम सुल्या उर्फ रवि भी है। अब जब तय होगा नाम तब सजा से होगा उसका काम तमाम।
रवि पुजारी के प्रत्यर्पण को लेकर देश में कई मामलों की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है। जिसके लिए कई राज्यों की पुलिस को रवि उर्फ सुल्या के हिंदुस्थान आने का इंतजार है। इसमें बंगलुरु, गुजरात, मुंबई, ठाणे की पुलिस शामिल है।
रवि पुजारी को जाननेवाले लोगों के मुताबिक रवि पुजारी हिंदुस्थान लौटना ही नहीं चाहता क्योंकि उसे जान का खतरा है। कहा यह भी जा रहा है कि अटॉर्नी जनरल ने उसे हिरासत में रखने और कार्रवाई पूरी होने तक प्रत्यर्पित न करने का आदेश जारी कर दिया है। ठाणे पुलिस के हफ्ता निरोधक प्रकोष्ठ के मुखिया प्रदीप शर्मा की टीम भी ३ मामलों में रवि पुजारी की कस्टडी चाहती है। प्रदीप शर्मा का मानना है कि जो संगीन आरोप रवि पुजारी पर हैं उससे तो उसे आजीवन कारावास होना तय है। ठाणे में रवि पुजारी पर हीरानंदानी बिल्डर पर फायरिंग, एक बुकी को जान से मारने की धमकी, राधेश्याम नामक एक अधिकारी को धमकी देने का मामला दर्ज है। यहां उस पर मकोका के तहत भी मामला दर्ज है।
रवि पुजारी को दक्षिण अप्रâीका की डकार पुलिस ने फर्जी पासपोर्ट मामले में गिरफ्तार किया है। जिसके बाद हिंदुस्थान की पुलिस की दो टीमें जरूरी कागजात और रवि पुजारी के फिंगर प्रिंट लेकर सेनेगल गई हैं। क्योंकि रवि पुजारी को वहां सुल्या पुजारी के नाम से जाना जाता है। सूत्रों के अनुसार रवि पुजारी के फिंगर प्रिंट का मिलान भी हो चुका है। अब सेनेगल पुलिस श्रीलंका सरकार से यह पूछताछ करेगी की सुल्या उर्फ रवि पुजारी क्या श्रीलंका का नागरिक है?
उस मामले में रवि पुजारी ने अपने वकील के जरिए उसके हिंदुस्थान प्रत्यार्पण के खिलाफ अपील की है।

रवि पुजारी की शिनाख्त पर संशय
सेनेगल पहुंची पुलिस की दो टीमें
गिरोहबाज प्रत्यर्पण के खिलाफ
कई मामलों में है पुजारी का इंतजार