तलाक… मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बदले सुर

सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक कुप्रथा की तरफदारी करनेवाले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपने सुर बदल दिए हैं। अब बोर्ड ने भी ३ तलाक को तलाक, तलाक, तलाक बोलना शुरू कर दिया है यानी तीन तलाक के बैन पर बोर्ड ने भी अपनी सहमति दर्शायी है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को गैर संवैधानिक करार दिया था। इसके बाद वेंâद्र सरकार ने भी तीन तलाक पर कड़े कानून प्रस्तावित किए हैं, जो राज्यसभा में विचाराधीन है। शुरुआत में शरीयत की आड़ लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तीन तलाक के समर्थन में उतरा था। इतना ही नहीं इस पर सरकार हस्तक्षेप न करे, इसके लिए इसकी महिला विंग की ओर से पूरे देशभर में धरना-प्रदर्शन भी किया गया था। अब यही बोर्ड तीन तलाक को गलत बता रहा है। बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी की मानें तो हर जिले में ‘दारुल कजा’ केंद्र शुरू किए जाएंगे। इस केंद्र में आनेवालों को बोर्ड के सदस्य तीन तलाक कुप्रथा क्यों गलत है? यह बताएंगे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक को गैर संवैधानिक करार किए जाने की जानकारी नव दंपतियों को देंगे। हालांकि बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि दारुल कजा शरीयाई कोर्ट नहीं होगा। यहां पारिवारिक मसले इस्लाम के हवाले से सुलझाए जाने की बात भी बोर्ड ने कही।