ताव में आए तावड़े! छात्र के वीडियों रिकॉर्डिंग पर दिया गिरफ्तारी का आदेश

शिक्षामंत्री विनोद तावड़े के राज में जुल्मी ‘स्कूल’ शुरू है। गरीब व जरूरतमंद विद्यार्थियों को ‘केजी टू पीजी’ शिक्षा मुफ्त मिलेगी क्या? ऐसा सवाल पूछते समय मोबाइल पर वीडियो शूटिंग करनेवाले विद्यार्थी को गिरफ्तार करने का आदेश तावड़े ने दिया। इतना ही नहीं, उसके मोबाइल से उक्त वीडियो डिलीट करने का आदेश भी पुलिस को दिया। इस घटना से राज्यभर के विद्यार्थियों में काफी रोष व्याप्त है। सोशल मीडिया पर भी तावड़े की थू-थू हो रही है।

अमरावती में श्री शिवाजी आर्ट्स एंड कॉमर्स महाविद्यालय में माणिकराव गावड़े राज्यस्तरीय वत्तृâत्व स्पर्धा का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में विनोद तावड़े भी उपस्थित थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद विद्यार्थियों ने तावड़े से शिक्षा के संदर्भ में प्रश्न पूछे। जैसे राज्य में प्राथमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मुफ्त है वैसे ही उच्च शिक्षा भी मुफ्त में मिलेगी क्या? ऐसा प्रश्न विद्यार्थी प्रशांत राठौड़ ने पूछा। इस पर तावड़े ने विद्यार्थी से यह कहकर कन्नी काट ली कि ‘तुझे पढ़ाई जम नहीं रही है तो तू पढ़ मत, नौकरी कर’। इस दौरान प्रशांत मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, जिसे देख तावड़े के सहायक ने उसे मोबाइल रिकॉर्डिंग बंद करने के लिए कहा। प्रशांत के साथ एक और विद्यार्थी युवराज दाभाड़े ने वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू रखी। उसे देख तावड़े गुस्सा गए और पुलिस को उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया। उसके बाद पुलिस ने युवराज का मोबाइल भी छीन लिया और उसे अपने साथ पुलिस स्टेशन ले गए। उसका मोबाइल जप्त कर उसे छोड़ दिया गया। एक घंटे बाद फिर पुलिस ने उसे बुलाया लेकिन जब उसने अपना फोन मांगा तो पुलिस ने कहा कि उनके पास उसका फोन नहीं है और फिर उसे भगा दिया। उसके बाद उसे फोन कर पुलिस ने बुलाया और फोन फॉरमेट कर उसका मोबाइल लौटा दिया। इस घटना को लेकर शिक्षा मंत्री के विरुद्ध विद्यार्थियों में काफी क्रोध निर्माण हो रहा है। सार्वजनिक स्थल पर मेरी प्राइवेसी भंग करने के आरोप के तहत तावड़े ने पुलिस को गिरफ्तारी का आदेश दिया। ऊपर से मेरे फोन में से मेरे प्राइवेट डाटा किस कानून के तहत इन्होंने डिलीट करवाया है? ऐसा सवाल युवराज ने किया है। इस संदर्भ में कोर्ट जाने का मन भी उक्त विद्यार्थी ने बना लिया है। युवासेना ने भी शिक्षा मंत्री द्वारा विद्यार्थियों के साथ किए गए इस व्यवहार का निषेध व्यक्त किया है।

‘उन्हें’ मतदान केंद्रों की चौकीदारी के लिए युवाओं की जरूरत है

शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने भी शिक्षामंत्री की इस दादागीरी की ट्विटर पर खबर ली है। राज्य के शिक्षामंत्री ने विद्यार्थियों को गिरफ्तार करने का आदेश पुलिस को दिया क्योंकि वे विद्यार्थी उनसे प्रश्न पूछते समय अपने मोबाइल पर वीडियो बना रहे थे? उन्हें युवा मतदान केंद्रों की चौकीदारी के लिए चाहिए क्या? उन्हें युवाओं की शिक्षा और रोजगार के विषय पर उत्तर नहीं देना है क्या? ऐसा आदित्य ठाकरे ने ट्वीट किया है।