तितली उड़ी, घर को चली! सोसायटीज में बटरफ्लाय गार्डन

रंग-बिरंगी तितलियां न सिर्फ दिखने में आकर्षक होती हैं, बल्कि तनाव दूर करके ध्यान केंद्रित करने में सहायक होती हैं। इसी तर्ज पर मुंबईकरों ने अपनी हाउसिंग सोसायटीज में बटरफ्लाय गार्डन बनाना शुरू कर दिया है। इससे तितलियां गार्डन से खुद-ब-खुद मुंबईकरों के घर चल प़ड़ेंगी। विलेपार्ले की ओमविजय श्री हाउसिंग सोसायटी ने बटरफ्लाय गार्डन बनाने की पहल की है, जिसके सकारात्मक परिणामों के बाद अन्य सोसायटीज भी इसका अनुसरण कर रही हैं।
बता दें कि मुंबई में रोजाना लोग भीड़-भाड़ और प्रदूषण के बीच से गुजरते हैं। काम के चक्कर में अधिकांश लोग तनाव में रहते हैं। ऐसे में तनाव दूर करने और खूबसूरत नजारा देखने के लिए लोग अपनी हाउसिंग सोसायटीज में बटरफ्लाय गार्डन बना रहे हैं। हाउसिंग सोसायटीज को बटरफ्लाय गार्डन बनाने में अर्बन बायोडाइवर्सिटी कंजर्वेशन ग्रुप नामक पर्यावरण प्रेमी टीम मदद करती है। यह टीम लोगों को बताती है कि किस प्रकार के पौधों से तितलियां आकर्षित होती हैं। साथ ही उनका चयन करने और उनकी सिंचाई में भी मदद करती है। ओमविजय श्री हाउसिंग सोसायटी में रहनेवाले अजय जयंत नाडकर्णी ने बताया कि चिकित्सकों की सलाह के बाद उन्होंने अपनी सोसायटी में ही बटरफ्लाय गार्डन बनाने का पैâसला लिया।
इसमें सोसायटी के अन्य लोगों ने भी मदद की। पौधे लगाने के एक हफ्ते के भीतर ही उन्हें गार्डन में १४ केटरपिलर नजर आए। जिसके बाद उन्होंने प्रोत्साहित होकर ५० अन्य पौधे लगाए। दो तीन महीनों के भीतर ही तितलियां मेरे घर में खुद-ब-खुद आना शुरू हो गर्इं। हमारी सोसायटी में बटरफ्लाय गार्डन बनने के बाद पांच अन्य सोसायटीज भी गार्डन बनाने के लिए हमसे सलाह ले रही है, इससे बच्चों में भी पर्यावरण के प्रति प्रेम बढ़ता है।