तीन तलाक पर राज्यसभा में बहुमत से दूर सरकार! लोकसभा में भाजपाइयों ने ही काटी कन्नी

लोकसभा में तीखी बहस के बाद तीन तलाक बिल में पास हो तो गया लेकिन मोदी सरकार के लिए यह खुशी से ज्यादा चिंता की बात हो गई है। क्योंकि लोकसभा में तीन तलाक के पक्ष में सिर्फ २४५ वोट ही पड़े थे, जबकि आज की तारीख में सदन में बीजेपी के २६८ सांसद हैं। अर्थात शुक्रवार को वोटिंग के समय भाजपा के कई सासंद गायब रहे। लोकसभा में सुमित्रा महाजन को लेकर भाजपा के २६९ सांसद हैं। सहयोगी शिवसेना के १८ सांसद, पासवान की एलजेपी के ६ सांसद, शिरोमणी अकाली दल के ४, अपना दल और जेडीयू के २-२ सांसद और अन्य छोटे दलों के मिला दें तो एनडीए के मौजूदा वक्त में कुल ३०३ सांसद हैं। लेकिन तीन तलाक बिल पर जब वोटिंग हुई तो पक्ष में सिर्फ २४५ वोट ही पड़े। जबकि सरकार  बने रहने के लिए २७२ सांसद जरूरी होते हैं, ऐसे में विरोधी सवाल उठाने लग गए हैं।
कांग्रेस के वॉक आउट के बाद तीन तलाक बिल अब लोकसभा से पारित हो चुका है, सरकार पर अब बिल को राज्यसभा में पारित कराने की चुनौती है, जहां उसके पास बहुमत नहीं है। राज्यसभा में एनडीए के कुल ८६ सांसद हैं, जिसमें ७३ भाजपा के हैं, जबकि विपक्ष की बात करें तो कांग्रेस के ५० सांसद हैं।  सपा, बसपा, टीएमसी जैसे अन्य विपक्षी दलों के सांसदों को मिला दें तो विपक्षी सांसदों की संख्या ९७ हो जाती है।
ऐसे में बिल पास कराने के लिए मोदी सरकार को उन दलों का समर्थन जरूरी होगा जो किसी खेमे में नहीं हैं। जिनमें टीआरएस के ६, बीजेडी के ९ और एआईएडीएमके के १३ सांसद हैं लेकिन कल लोकसभा से एआईएडीएमके ने लोकसभा से वॉकआउट कर मोदी सरकार को धर्म संकट में डाल दिया है।