तीन महीने में खुलेगी धारावी की किस्मत

एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी की किस्मत आगामी तीन महीने में खुलनेवाली है। यानी धारावी पुनर्विकास का अंतिम निर्णय तीन महीने में होना तय है। यह दावा एक वरिष्ठ मंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर किया।
गौरतलब हो कि धारावी पुनर्विकास की योजना पिछले कई वर्षों से अधर में लटकी हुई है। इसके पुनर्विकास के लिए कई बार टेंडर निकाले गए, परंतु कोई विकासक सामने नहीं आया जिसके कारण धारावी झोपड़पट्टी का विकास १२ भागों में करने का निर्णय लिया गया। इसके बावजूद कोई विकासक आगे नहीं आया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने धारावी पुनर्विकास की योजना को चैलेंज के तौर पर लिया है। यही कारण है कि रेलवे की ४५ एकड़ जमीन धारावी योजना के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस रेल विभाग से लेने में कामयाब हो गए हैं। धारावी पुनर्विकास योजना मुख्य सचिव की देख-रेख में चल रही है।
रेलवे की ४५ एकड़ जमीन मिलने और लोकसभा चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के बाद आज धारावी पुनर्विकास को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होनेवाली है, ऐसा दावा मंत्री ने किया। धारावी पुनर्विकास योजना में कुछ संशोधन करके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुन: निविदा मंगाई जाएगी। इस योजना पर २० हजार करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस योजना में तकरीबन ८५ से ९० हजार लोगों को घर मिलेगा। इतना ही नहीं धारावी योजना के अंतर्गत कुछ निजी मालिकाना हक की जमीन आनेवाली है।
निजी मालिकाना हक के मालिक भी इस योजना में जमीन देने को तैयार हो गए हैं और इस संबंध में कल मुख्य सचिव अजोय मेहता से मुलाकात भी की है। वरिष्ठ मंत्री का दावा है कि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले धारावी पुनर्विकास योजना की कानूनी प्रक्रियाएं तीन महीने के अंदर किसी भी हालत में पूरी कर ली जाएंगी, ऐसा दावा मंत्री ने किया है।