तेरा बोर्ड, मेरा बोर्ड एडमिशन का डब्बागोल

ओरल डोज का सीधा असर दसवीं के छात्रों के रिजल्ट पर दिखा लेकिन अब इसका पोस्ट इफेक्ट घटना होने के बाद का परिणाम ग्यारहवीं एडमिशन पर दिख रहा है। राज्य बोर्ड और केंद्रीय बोर्ड के बीच अब मौखिक अंक को लेकर तू-तू, मैं-मैं जारी है। इस तेरा बोर्ड, मेरा बोर्ड के चक्कर में ग्यारहवीं की एडमिशन प्रक्रिया का डब्बागोल हो गया है। सरकार चर्चा में व्यस्त है और छात्र इस इंतजार में हैं कि कब एडमिशन प्रक्रिया शुरू होगी।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार सीबीएसई केंद्रीय बोर्ड और आईसीएसई बोर्ड के छात्रों को लिखित परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर ग्यारहवीं में प्रवेश देने को लेकर मानव संसाधन मंत्रालय से चर्चा कर रही है। इसके चलते ग्यारहवीं का पूरा एडमिशन प्रोसेस रुका हुआ है। आमतौर पर ग्यारहवीं की प्रवेश प्रक्रिया सितंबर महीना तक खत्म होती है लेकिन इस बार यह प्रक्रिया लंबी चलनेवाली है। जब तक मार्किंग का पेंच नहीं सुलझता तब तक प्रक्रिया शुरू नहीं होने की बात मुंबई उप संचालक कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कही। उन्होंने आगे कहा कि इस बार कई कॉलेजों में तो यूनिट टेस्ट भी लगभग नहीं ली जाएगा। पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए कॉलेजों को एक्स्ट्रा लेक्चर लेने पड़ेंगे। उसके बाद सेमिनार, प्रोजेक्ट, मल्टीप्ल टाइप प्रश्न के जरिए छात्रों की परीक्षा लेनी होगी। इस बार कॉलेजों और छात्रों सभी पर प्रेशर आनेवाला है।