" /> तोड़ेंगे नियम तो टोल नाके पर मिलेगा चालान

तोड़ेंगे नियम तो टोल नाके पर मिलेगा चालान

मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे मार्ग पर हादसों की संख्या में कमी लाने के लिए एमएसआरडीसी ने अब ‘एज लाइन’ तकनीकी को अमल में लाने की योजना बनाई है। ‘एज लाइन’ तकनीक का मतलब ये होगा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर अपने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया तो अगले टोल नाके पर अलार्म बजेगा और ट्रैफिक पुलिस आपके हाथ में चालान थमा देगी। इस तकनीक को अमल में लाने के लिए एक्सप्रेस-वे पर सीसीटीवी वैâमरे और सेंसर लगाए जाएंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत १६५ करोड़ रुपए बताई जा रही है।
बता दें कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की स्पीड लिमिट ८० किमी प्रति घंटा सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा सुरक्षित यात्रा के लिए लेन कटिंग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। बावजूद इसके वाहनचालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए आगे बढ़ जाते हैं। जानकारी के मुताबिक मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर लेन कटिंग करनेवालों की तादाद भी अधिक है। नियमों को ताक पर रखकर वाहन चलाने के कारण दुर्घटनाओं में वृद्धि दर्ज हुई है।
स्पीड गन से नही बनी बात
लेन कटिंग और स्पीड में वाहन चलानेवालों पर लगाम लगाने के लिए पहले हाइवे पुलिस स्पीड गन लेकर वाहनचालकों की स्पीड लिमिट को नापती थी। इसके बाद एक्सप्रेस-वे मार्ग पर सीसीटीवी भी लगाए गए। बावजूद इसके ये दोनों प्रयोग पूर्ण रूप से सफल नहीं हो पाया। दो साल पहले लेन कटिंग टालने के लिए हाई बैरियर्स भी लगाए गए परंतु उसमें यातायात पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी। इस सभी को देखते हुए अब एमएसआरडीसी ने नई तकनीक को अमल में लाने की योजना बनाई है।
ऐसे रहेगी नजर
वाहनचालक द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करते ही सीसीटीवी फोटो खींच लेगा। इसकी जानकारी फोटो सहित आगे के टोल नाके पर फॉरवर्ड कर दी जाएगी, जैसे ही वाहन टोल नाके पर पहुंचेगा, वैसे ही सेंसर अलार्म बजने लगेगा। फिर जिस किसी भी वाहन ने नियम तोड़ा है, उसकी जांच कर उसे चालान थमा दिया जाएगा। जब तक जुर्माने की राशि नहीं भरी जाएगी, तब तक वाहन को आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा।
खर्च होंगे रु.१६५ करोड़
ठेकेदार सुनिश्चित करने के लिए इस परियोजना की निविदा प्रक्रिया जारी है। तीन कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया है। फिलहाल इस कंपनियों का आर्थिक और तकनीकी टेंडर खुलना बाकी है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत १६५ करोड़ रुपए बताई जा रही है।