…तो परिवार सहित सड़क पर उतरेंगे बेस्ट कर्मचारी

प्रलंबित मांगों के लिए ‘बेस्ट’ कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी शुरू रही। हड़ताली कर्मचारियों से निपटने के लिए एक्शन में आए बेस्ट प्रशासन के विरोध में कल कर्मचारियों का आक्रोश भड़क उठा। कर्मचारियों ने वडाला डिपो में जोरदार प्रदर्शन किया और प्रलंबित मांगों के संदर्भ में तत्काल निर्णय लेने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाया। निर्णय न लेने पर ३० हजार कर्मचारी परिवार समेत सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे, ऐसीr चेतावनी भी कर्मचारियों ने दी है। इस हड़ताल को अब मुंबई मनपा कर्मचारियों की यूनियन ने भी समर्थन दे दिया है। हड़ताल पर फौरन निर्णय न लिए जाने पर मुंबई मनपा के कर्मचारी भी शनिवार से हड़ताल पर उतर सकते हैं।
‘बेस्ट’ कर्मचारियों की हड़ताल के कारण मुंबईकरों को होनेवाली तकलीफों की पार्श्वभूमि पर प्रशासन ने ‘मेस्मा’ के तहत कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। कुछ कर्मचारियों को ‘बेस्ट’ वसाहत के घरों को खाली करने की नोटिस भी दी गई, इसके कारण प्रशासन के विरोध में कर्मचारियों का आक्रोश और भड़क उठा। वडाला डिपो में कल सुबह ११ बजे सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी इकट्ठा हो गए। उन्होंने प्रशासन के विरोध में जोरदार नारेबाजी कर अपना आक्रोश प्रकट किया, जिसमें महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। करीब ढाई घंटे कर्मचारियों ने परिसर में जोरदार नारेबाजी की।
महापौर बंगले पर मैराथॉन चर्चा
बेस्ट कर्मचारियों की समस्या सुलझाने के लिए कल महापौर बंगले पर मैराथॉन चर्चा शुरू थी। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की उपस्थिति में दोपहर करीब ३.३० बजे से बैठक शुरू थी। महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर, मनपा आयुक्त अजोय मेहता, बेस्ट समिति अध्यक्ष आशीष चेंबूरकर, स्थायी समिति अध्यक्ष यशवंत जाधव, पालकमंत्री सुभाष देसाई भी इस बैठक में उपस्थित थे। पूरी मुंबई का ध्यान इस बैठक पर टिका था।
मंत्रालय में बैठक फेल
बेस्ट की हड़ताल को लेकर कल मुख्य सचिव ने बेस्ट महाप्रबंधक को बुलाया था। हड़ताल को समाप्त करने के लिए शाम को मंत्रालय में बैठक हुई लेकिन इस बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया।