…तो बैरन बन जाती बैरिकेटिंग

अंधेरी-पूर्व स्थित कामगार अस्पताल में सोमवार को भीषण आग लगी। इस हादसे की भेंट आठ निर्दोष लोग चढ़ गए और १७६ लोग जख्मी हो गए। इस अग्निकांड के लिए जिम्मेदार कौन है? यह जानने के लिए सरकार ने एक कमिटी बना दी है। दूसरी ओर पता चला है कि समय रहते यदि मुंबई फायरब्रिगेड के जवानों ने पुरानी इमारत से नई इमारत में जानेवाले रास्ते पर लगाई गई बैरिकेटिंग को नहीं तोड़ा होता तो यह बैरन बन जाती यानी ज्यादा लोग इस अग्निकांड में मौत के मुंह में समा जाते। बता दें कि नई इमारत में नूतनीकरण कार्य शुरू होने के कारण ठेकेदार ने पुरानी से नई इमारत में जानेवाले बीच रास्ते में पतरे के बैरिकेड्स लगाए थे। आग में लिपटी पुरानी इमारत में वैकल्पिक मार्ग न होने से लोग फंस गए थे लेकिन मुंबई फायरब्रिगेड ने अपनी सूझ-बूझ का परिचय देते हुए बैरिकेटिंग को तत्काल तोड़कर कई लोगों को बचाया।
बता दें कि सोमवार को कामगार अस्पताल की पुरानी मंजिल में आग लगी थी। एसी को कनेक्ट करनेवाले वायर से लिपटे निटरील रबर शॉट-सर्किट से जल उठा और देखते ही देखते आग वहां पड़े अन्य रबर पर लग गई, जिससे उठनेवाला धुआं पूरी इमारत में पैâल गया। इस आग से मचे हड़कंप से इमारत के लोग बचने के लिए भागने लगे लेकिन वैकल्पिक मार्ग न होने के कारण लोग इमारत में पूरी तरह से फंस गए। पुरानी इमारत से नई इमारत में जानेवाले रास्ते पर ठेकेदार द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स से बाहर निकलने का मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया था। बचने के लिए लोगों ने खिड़की से छलांग लगानी शुरू कर दी। मुंबई फायरब्रिगेड के उपमुख्य दमकल अधिकारी आर.ए. चौधरी ने बताया कि घटना की सूचना पाते ही दमकल जवान घटनास्थल पर पहुंच गए। राहत कार्य के दौरान दमकल जवानों ने अपनी सूझ-बूझ का परिचय देते हुए मार्ग में रो़ड़ा बन रहे पतरे के बैरिकेड्स को समय न गंवाते हुए तुरंत तोड़ डाला। बैरिकेड्स को तोड़ कर वहां फंसे लोगों को नई इमारत से बाहर निकाला गया। नई इमारत में चल रहे निर्माण कार्य के चलते लगाए गए इस बैरिकेड्स को अगर नहीं हटाया जाता तो इस आग में और भी जानें जा सकती थीं।